
बृजभूषण ने दिखाया असली दम Source- X
Brij Bhushan Sharan Singh News: पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने 8 जनवरी 2026 को अपने 69वें जन्मदिन एक ऐसे भव्य आयोजन के साथ मनाया, जिससे पूर्वांचल की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और प्रभाव को एक बार फिर देखने को मिला। गोंडा जिले के नवाबगंज स्थित नंदिनी निकेतन में 1 जनवरी से 8 जनवरी तक चले आठ दिवसीय राष्ट्रकथा महोत्सव का समापन उनके जन्मदिन पर हुआ, जहां राजनीति, धर्म और सामाजिक शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरा कार्यक्रम बृजभूषण सिंह के नेतृत्व में हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालु, साधु-संत, नेता और समर्थक शामिल हुए। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक था, बल्कि पूर्वांचल की ठाकुर राजनीति में उनकी बढ़ती ताकत का सीधा संदेश भी देता है।
राष्ट्रकथा महोत्सव का शुभारंभ 1 जनवरी को नंदिनी निकेतन में वैदिक मंत्रोच्चार, बगलामुखी पूजन और यज्ञ के साथ हुआ। मुख्य यजमान बृजभूषण शरण सिंह ने इसे राष्ट्र निर्माण, सनातन संस्कृति और युवा उत्थान से जोड़ा। कार्यक्रम सद्गुरु ऋतेश्वर जी महाराज के सानिध्य में चला, जिनकी कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान रामकथा, राष्ट्रभक्ति और सनातन मूल्यों पर गहन चर्चा हुई। एक सत्र के दौरान द्गुरु ऋतेश्वर जी ने भावुक होकर कहा, "मैं उनका पिता हूं, मेरा प्रभाव था, है और रहेगा," जिस पर बृजभूषण सिंह की आंखें नम हो गईं। यह क्षण आयोजन की भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। पूरे आठ दिनों में मंच पर केवल साधु-संतों को स्थान दिया गया, जैसा बृजभूषण ने पहले घोषणा की थी कि "भगवान भी आएं तो रोक दो।" 42 महंतों ने उद्घाटन किया, और विभिन्न दिनों में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन में भंडारे की व्यवस्था हुई, जिसमें 5 लाख लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। 1200 से अधिक लोग भोजन तैयार करने में लगे रहे।
नेताओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रंग दिया। पूर्वांचल के बाहुबली नेता धनंजय सिंह (जौनपुर के पूर्व सांसद) ने व्यासपीठ का आशीर्वाद लिया। बृजभूषण के बेटे कैसरगंज सांसद करण भूषण सिंह और गोंडा सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने मंच पर बृजेश सिंह (MLC) के पैर छुए। बृजेश सिंह ने बताया कि उनका बृजभूषण से 1988 से रिश्ता है। अन्य प्रमुख हस्तियां जैसे प्रतापगढ़ MLC गोपाल भैया भी शामिल हुए। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने भी एक सत्र में हिस्सा लिया और युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। साथ ही भोजपूरी के पावर स्टार पवन सिंह ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर सद्गुरु का आशीर्वाद लिया। इसके साथ कई सारे नेताओं और मत्रियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
जन्मदिन पर शक्ति प्रदर्शन का सबसे बड़ा प्रतीक था 100 गाड़ियों का काफिला। बृजभूषण सिंह खुली जीप में सवार होकर अपने आवास से नंदिनी निकेतन पहुंचे। रास्ते भर 'दबदबा' जैसे गाने बजे, और जेसीबी मशीनों से फूलों की बारिश हुई। समर्थकों की भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास 100 से अधिक गाड़ी हैं, जिनमें 4 लैंड रोवर शामिल हैं। यह काफिला पूर्वांचल में उनकी पहुंच और संगठन क्षमता का जीता-जागता सबूत माना जा रहा है। जन्मदिन पर मिले तोहफे भी चर्चा में रहे। एक खिलाड़ी ने ढाई करोड़ रुपये का लंदन नस्ल का घोड़ा गिफ्ट किया, जबकि सोने की चेन पहनाई गई।
राष्ट्रकथा के माध्यम से उन्होंने सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया, जबकि जन्मदिन समारोह ने उनकी क्षेत्रीय ताकत दिखाई। आयोजन को लेकर लोगों ने तरह-तहर की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने कहा कि बृजभूषण न केवल अतीत के 'बाहुबली' हैं, बल्कि वर्तमान में भी मजबूत नेता के रूप में लोगों में पुरानी ही छवी रखते हैं।
Updated on:
9 Jan 2026, 9:51 AM IST
Published on:
9 Jan 2026, 9:49 AM IST
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