गोरखपुर

सीएम के वार्निंग फ्लीट में चूक, चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर…बिना रुकावट गुजरा था सीएम का काफिला

गोरखपुर दौरे पर आए सीएम योगी आदित्यनाथ के काफिले से पहले निकलने वाली वार्निंग फ्लीट पर स्कूल बस आ जाने के कारण फ्लीट की गति कुछ धीमी हुई थी।

2 min read
Dec 13, 2025
फोटो सोर्स: इमेज, सीएम की फ्लीट में लापरवाही

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर दौरे पर उनके मूवमेंट के दौरान पहले निकलने वाले वार्निंग फ्लीट के आगे शहर के असुरन चौक पर सामने बस आ गई थी।जिसके कारण क्षण भर के लिए फ्लीट धीमी हुई। इसकी जानकारी मिलते ही SSP राजकरण नैयर ने गंभीर रुख अख्तियार करते हुए ड्यूटी लापरवाही के कारण असुरन चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।

ये भी पढ़ें

फर्जी पैन कार्ड से सेना टिप्पणी तक, आजम खान के खिलाफ 100+ मामले, केवल 13 में ही फैसला

मुख्यमंत्री के वार्निंग फ्लीट के आगे आई बस

बता दें कि चार दिसंबर की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला स्पोर्ट्स कालेज से एयरपोर्ट की ओर लौट रहा था। निर्धारित रूट पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहले से ही भारी बंदोबस्त किए गए थे।असुरन चौराहे पर तीन थानेदार, एक सीओ और दो ट्रैफिक इंस्पेक्टर तैनात थे। इसी बीच असुरन चौराहे के पास अचानक एक बस रूट में आ गई। बस के प्रवेश से वार्निंग फ्लीट की गति कुछ समय के लिए धीमी हो गई, लेकिन मुख्य फ्लीट बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रही।

समीक्षा में चौकी पर मिली तैयारी की कमी

SSP राजकरन नय्यर ने तुरंत मामले की समीक्षा की और सुरक्षा टीम से रिपोर्ट ली।उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि CM का काफिला न रुका और न ही बाधित हुआ, इसलिए इसे सुरक्षा चूक की श्रेणी में नहीं रखा गया है। परंतु, वार्निंग फ्लीट के दौरान प्रोटोकाल के अनुसार रूट को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखना अनिवार्य था।समीक्षा में यह पाया गया कि असुरन चौकी स्तर पर तैयारी पर्याप्त नहीं थी।

CO से मांगा गया है स्पष्टीकरण

इसके बाद चौकी प्रभारी असुरन को लाइन हाजिर कर दिया गया। SSP ने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और VIP प्रोटोकाल में कोई ढिलाई न की जाए।इस घटना के संदर्भ में संबंधित सीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जाने क्या होती है वार्निंग फ्लीट

जानकारी के मुताबिक वार्निंग फ्लीट आमतौर पर उन गाड़ियों का काफिला होता है जो VVIP वाहन के एक से दो मिनट पहले रूट पर भेजी जाती हैं। इसका कार्य रूट पर अवरोध, संदिग्ध वाहनों और अनियंत्रित भीड़ को हटाना। यातायात को पूरी तरह रोककर कारिडोर बनाने के साथ ही सुरक्षा में तैनात पुलिसवालों को बताना कि वीवीआइपी आने वाले हैं। वार्निंग फ्लीट अगर धीमी पड़ती है तो यह माना जाता है कि प्रोटोकाल के निर्धारित स्तर पर कहीं न कहीं समन्वय कमजोर पड़ा है। इसको गंभीरता से लेते हुए चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

ये भी पढ़ें

घने कोहरे में रेलवे ट्रैक पर अब नहीं बजेंगे पटाखे, इस तकनीकी से बढ़ गया लोको पायलटों का भरोसा…होगी सुरक्षित यात्रा

Published on:
13 Dec 2025 02:37 pm
Also Read
View All

अगली खबर