गोरखपुर

ADG गोरखपुर ने ‘क्राइम एनालिसिस टीम’ का गठन किया…रेंज के चार जिलों के कप्तान करेंगे अपराध पर विश्लेषण

गोरखपुर जोन के ADG मुथा अशोक जैन ने अपराध के उन्मूलन के लिए अब गोरखपुर रेंज के चार जिलों के कप्तानों को क्राइम के पैटर्न को लेकर समीक्षा करने का निर्देश दिए हैं।

2 min read
Apr 01, 2026
फ़ोटो सोर्स: सोशल मीडिया, ADG गोरखपुर

गोरखपुर जोन के ग्यारह जिलों में क्राइम कंट्रोल एंड एनालिसिस के लिए ‘क्राइम एनालिसिस टीम’ का गठन किया गया है।गोरखपुर जोन में बढ़ते संगठित अपराधों और एक ही तरह की वारदातों को कई जनपदों में अंजाम देने वाले गिरोहों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है।

ये भी पढ़ें

आपत्तिजनक हालत में मिले 4 लड़के और 5 लड़कियां! ‘चोटी वाला ढाबा’ पर जिस्मफरोशी का पर्दाफाश

मुथा अशोक जैन, ADG गोरखपुर

अपर पुलिस महानिदेशक, गोरखपुर जोन के निर्देश पर गोरखपुर परिक्षेत्र स्तर पर क्राइम एनालिसिस टीम का गठन किया गया है।
एडीजी जोन अशोक जैन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, वर्तमान समय में यह देखा जा रहा है कि अपराधी गैंग एक से अधिक जनपदों में एक जैसी घटनाओं जैसे शराब की दुकानों पर नकबजनी को अंजाम दे रहे हैं। इन घटनाओं की कार्यप्रणाली भी समान होती है, लेकिन संबंधित जनपद अक्सर अपने-अपने स्तर पर ही मामलों के खुलासे पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे व्यापक स्तर पर अपराधियों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

गोरखपुर रेंज में टीम का हुआ गठन

इसी समस्या के समाधान के लिए परिक्षेत्रीय कार्यालय गोरखपुर में अपराध शाखा के अधीन एक विशेष “क्राइम एनालिसिस टीम” का गठन किया गया है। इस टीम में उपनिरीक्षक श्रीराम उपाध्याय (वाचक), मुख्य आरक्षी सतीश शर्मा एवं उपनिरीक्षक वरुण सांक्रित्यायन को शामिल किया गया है।

टीम का मुख्य कार्य ऐसे अपराधों की पहचान करना होगा, जो अलग-अलग जनपदों में समान तरीके से लगातार घटित हो रहे हैं। वाचक स्तर से इन घटनाओं की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिसके बाद टीम संबंधित जनपदों से सीडीआर, डंप डेटा एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सूचनाएं प्राप्त कर उनका गहन विश्लेषण करेगी।

डाटा एनालिसिस के माध्यम से लगेगा प्रभावी अंकुश

विश्लेषण के बाद टीम अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि यह टीम किसी प्रकार की अनुश्रवण (लिसनिंग/फोन टैपिंग) की कार्रवाई नहीं करेगी। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पूर्व की भांति जनपद स्तर पर ही की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल डेटा एनालिसिस के माध्यम से विभिन्न जनपदों को आवश्यक मार्गदर्शन देना है, ताकि एक ही गिरोह द्वारा की जा रही वारदातों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सके।

गोरखपुर रेंज के चार जिलों के कप्तानों से मांगा इनपुट

गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे अपराधों की पहचान कर जानकारी साझा करें, जिससे इस नई व्यवस्था के माध्यम से संगठित अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
पुलिस महकमे की इस नई पहल को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे परिक्षेत्र में सक्रिय गैंगों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें

होटलों में फैला जिस्मफरोशी का जाल! दिल्ली से लाई जाती हैं लड़कियां, स्पा सेंटर और WhatsApp ग्रुप….

Published on:
01 Apr 2026 02:08 pm
Also Read
View All

अगली खबर