गोरखपुर में बुधवार की शाम खुले नाले में गिरकर बच्चे की हुई दर्दनाक मौत के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। मंडलायुक्त ने गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जांच कराई और प्रथम दृष्ट्या दोषियों पर कारवाई कर दी है। इस मामले की जांच जारी है, दोषी लोगों पर कड़ी कारवाई की जाएगी।
गोरखपुर के राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में खुले केबिल ट्रेंच में गिरने से एक बच्चे की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मण्डलायुक्त ने बताया कि गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना की 24 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर भूमिगत केबिल ट्रेंच का निर्माण कार्य कराया गया था।
यह कार्य 3 अप्रैल 2023 से प्रारंभ होकर 25 जून 2025 को पूर्ण किया गया था। निर्माण के बाद ट्रेंच को पूरी तरह तैयार कर उसके ऊपर आरसीसी स्लैब से ढक दिया गया था, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार स्थानीय अराजक तत्वों द्वारा आरसीसी स्लैब को हटाए जाने के कारण ट्रेंच खुला रह गया, जिससे यह अप्रिय घटना घटित हुई। खुले हिस्से में गिरने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर गोरखपुर विकास प्राधिकरण के टेक्निकल सुपरवाइजर आदित्य श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। साथ ही संबंधित अवर अभियंता संजय गुप्ता के निलंबन की संस्तुति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
घटना की गहन जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नगर) और मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। यह समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करेगी।
प्रशासन की ओर से मृतक बच्चे के परिजनों को हर संभव शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना विकास कार्यों की निगरानी और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। भूमिगत ट्रेंच जैसे संवेदनशील निर्माण कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसे सभी निर्माण स्थलों की पुनः जांच कराई जाएगी, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की।