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हाईटेंशन लाइन टूटी, करंट की चपेट में आकर दो युवकों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत, 15 मिनट तक जलते रहे…ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

फिरोजाबाद के एक गांव में 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन लाइन टूटने से भूपेंद्र और प्रदीप शाक्य की करंट से जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कार्रवाई में लाइनमैन और एसएसओ की संविदा समाप्त हुई।

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सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI

सांकेतिक तस्वीर फोटो जेनरेट AI

यूपी के फिरोजाबाद जनपद में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन का तार अचानक टूटकर दो युवकों पर गिर गया। जिससे दोनों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। करीब 15 मिनट तक तारों में करंट दौड़ता रहा। ग्रामीण बेबस होकर तमाशबीन बने रहे। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया।

यह हादसा फिरोजाबाद जिले के एका क्षेत्र के नगला बाबन पट्टी गांव में हुआ। गांव के रहने वाले भूपेंद्र (28) और प्रदीप शाक्य (28) सुबह घर से बाहर जा रहे थे। इसी दौरान गांव के बाहर ट्यूबवेल सप्लाई के लिए गुजर रही हाईटेंशन लाइन का तार अचानक टूटकर गिर गया।
दोनों युवक उसके नीचे आ गए। तेज करंट की चपेट में आते ही दोनों आग की लपटों में घिर गए। ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की। लेकिन बिजली प्रवाहित होने के कारण कोई पास नहीं पहुंच सका। लगभग 15 मिनट बाद सप्लाई बंद कराई गई। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन शव उठाने से किया इनकार

हादसे की खबर फैलते ही गांव में गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शव उठाने से इनकार कर दिया और बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और पांच-पांच बीघा जमीन देने की मांग की। सूचना मिलने पर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ।

अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद माने ग्रामीण और परिजन


करीब चार घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया। बिजली विभाग और राजस्व विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता, पांच बीघा जमीन का पट्टा और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की अनुमति दी।

लाइनमैन और संबंधित एसएसओ की संविदा समाप्त

देर रात बिजली विभाग ने कार्रवाई करते हुए लाइनमैन और संबंधित एसएसओ की संविदा समाप्त कर दी। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही दो दिनों के भीतर क्षतिग्रस्त लाइन दुरुस्त कराने की बात कही गई है। इस दर्दनाक घटना से गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रदीप शाक्य अपने परिवार का एकमात्र सहारा था और उसकी पत्नी गर्भवती है। दो युवकों की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।