
Air Chief Marshal Amar Preet Singh: भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का गुरुवार 27 अगस्त को गोरखपुर आगमन है। यहां वह माथा बारी गांव में एक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। अपने इस विशेष दौरे के दौरान वायु सेना प्रमुख स्थानीय ग्रामीणों, विद्यार्थियों और युवाओं से सीधा संवाद कर उनके जीवन, जरूरतों, आकांक्षाओं और चुनौतियों से रूबरू होंगे।
एयर चीफ अपने भ्रमण के दौरान वायु सेना प्रमुख रामाश्रय ग्राम विकास संस्थान का दौरा करेंगे। वे संस्थान से जुड़े लोगों से मुलाकात कर क्षेत्र में हो रहे कार्यों की जानकारी लेंगे। इसके साथ ही वे सरस्वती गुरुकुल का भी भ्रमण करेंगे, जहां विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद कर बच्चों को शिक्षा, अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह सामाजिक विकास, जनकल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़े युवाओं से बातचीत कर उनके सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों को समझेंगे। वे युवाओं को अपनी प्रतिभा का सकारात्मक उपयोग करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए टिप्स देंगे। इसके अलावा सशस्त्र बलों और आम नागरिकों के बीच विश्वास का संबंध और मजबूत होगा।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह भारतीय वायु सेना के 28वें वायु सेना प्रमुख हैं। इन्होंने 30 सितंबर 2024 को यह पदभार संभाला था।भारतीय वायु सेना के फाइटर पायलट स्ट्रीम में यह दिसंबर 1984 शामिल हुए थे। उन्हें 5 हजार घंटे से अधिक का उड़ान अनुभव प्राप्त है। वे एक कुशल 'क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' और 'एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट' हैं। स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL तेजस के उड़ान परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वायु सेना प्रमुख बनने से पहले वे वायु सेना के 47वें उप प्रमुख और सेंट्रल एयर कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं।नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह ने भारतीय वायुसेना का नेतृत्व करते हुए निर्णायक रणनीतिक कार्रवाई और त्रि-सेवाओं के बीच बेहतरीन तालमेल की भूमिका निभाई। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी और सेना को अपने हिसाब से सटीक कार्रवाई करने की पूरी छूट मिली थी। इस अभियान ने थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच संयुक्त कार्यप्रणाली और तालमेल की अद्भुत मिसाल पेश की।
वायुसेना प्रमुख ने बताया कि भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक और विनाशकारी प्रहार किए। वायुसेना के हमलों ने दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) और रडार बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे भारत की सामरिक स्थिति मजबूत हुई।