26 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हिजाब की आड़ में राजनीति न होने दें, मायावती बोलीं- कोर्ट-कचहरी नहीं, बातचीत से सुलझाएं मामला

Allahabad High Court Hijab: हिजाब विवाद पर मायावती ने कहा कि मामले को कोर्ट-कचहरी तक ले जाने के बजाय बातचीत से सुलझाना चाहिए। उन्होंने धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करने और हिजाब की आड़ में संकीर्ण राजनीति का मौका न देने की अपील की।
2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ankit Sai

Aug 26, 2026

Mayawati

बसपा प्रमुख मायावती (ANI Photo)

Mayawati Hijab Controversy: हिजाब और स्कूल यूनिफॉर्म को लेकर चल रहे विवाद के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि ऐसे संवेदनशील मामलों को कोर्ट-कचहरी तक ले जाने के बजाय आपसी बातचीत और समझ से सुलझाया जाना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब से जुड़ी याचिका खारिज करने के बाद मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया में महिलाओं के सम्मान और धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस तरह के मुद्दों को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए, ताकि इसकी आड़ में किसी को संकीर्ण राजनीति करने का मौका न मिले।

मायावती ने संविधान और धार्मिक अधिकारों का किया जिक्र

बसपा प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने ऐसा संविधान दिया है, जिसमें सभी जाति और धर्म के लोगों को समान अधिकार मिले हैं। संविधान हर धर्म के लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों के अनुसार शांतिपूर्ण जीवन जीने की आजादी देता है। उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक मान्यताओं में दखल देने के बजाय सभी को उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में अनावश्यक विवाद से बचना चाहिए और सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

हिजाब और यूनिफॉर्म विवाद पर क्या बोलीं मायावती

मायावती ने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, सम्मान व पर्दा आदि के जरिये अपने आत्म-सम्मान व स्वाभिमान की रक्षा जैसे मामलों को उसकी उसी संवेदनशीलता से देखना चाहिये और जहां तक स्कूलों में यूनीफार्म, पर्दा, चादर, हिजाब आदि पहन्ने का मामला है, तो इन मामलों को ज्यादा तूल देकर कोर्ट-कचहरी में विवाद का क़ानूनी मुद्दा बनाने के बजाय, उन्हें स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन व शासन-प्रशासन की आपसी समझ व सूझबूझ से सुलझा लेना चाहिये ताकि किसी को भी इसकी आड़ में संकीर्ण राजनीति करने का मौक़ा ना मिल पाये।

हाईकोर्ट ने खारिज की थी छात्रा की याचिका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के टैगोर पब्लिक स्कूल की 11वीं कक्षा की मुस्लिम छात्रा की याचिका खारिज कर दी थी। छात्रा ने स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने कहा कि स्कूल का ड्रेस कोड सभी छात्रों के लिए समान होता है और इसका उद्देश्य अनुशासन और एकरूपता बनाए रखना है। अदालत ने यह भी कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम धर्म का अनिवार्य हिस्सा साबित नहीं होता है। जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने कहा कि केवल किसी दावे के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया।

बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा विवाद पर भी बोलीं

मायावती ने उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर चल रहे विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस मामले का जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि बसपा सर्वसमाज के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की बात करने वाली पार्टी है। उन्होंने सभी लोगों से धर्म, धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं से जुड़े संवेदनशील मामलों पर टिप्पणी करने से बचने की अपील की।