गोरखपुर जिले में साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों के लिए पुलिस लगातार सहयोग के लिए अभियान चला रही है। इस क्रम में पुलिस ने सैकड़ों लोगों के डूबे पैसे वापस कराई है। अब इस क्राइम से जागरूकता के लिए सामाजिक मंचो का भी उपयोग किया जाएगा।
साइबर अपराध से बचाव के लिए गोरखपुर पुलिस लगातार अभियान चला रही है, इस क्रम में नगर के सभी मुख्य चौराहों पर पहले से ही ITMS द्वारा जनता को जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों में कमी नहीं हो रही है, यदा कदा लोग इनके लुभावने वादों में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा दे रहे हैं।
SSP गोरखपुर राजकरन नैय्यर ने इसे गंभीरता से लेते हुए एक नई मुहिम शुरू किए हैं। इसके लिए अब जनता के सामाजिक कामों में भी साइबर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। पुलिस ने इसके लिए आने वाले गणेश चतुर्थी त्योहार में जिले में जहां जहां पंडालों में गणेश प्रतिमा लगाई जाएगी वहां लगातार साइबर अपराधों से बचाव के लिए टिप्स का अनाउंसमेंट भी किया जाएगा।
गोरखपुर पुलिस फिलहाल फ्रॉड और साइबर क्राइम से गंवाए गए पीड़ितों की अच्छी खासी रकम की बरामदगी भी की है। साइबर क्राइम की रिपोर्ट करने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 डायल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें. यह पोर्टल वित्तीय धोखाधड़ी, ऑनलाइन फ्रॉड और अन्य प्रकार के साइबर अपराधों के लिए है।
देश में साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। साल 2021 में साइबर क्राइम के 452429 लाख मामले सामने आए थे। इससे अगले वर्ष 2022 में इन केसों में बड़ा उछाल देखने को मिला। उस साल साइबर अपराध की 1029026 घटनाएं हुई। साल 2023 में इन घटनाओं में अच्छी खासी बढ़ोतरी हो गई। साइबर क्राइम के 1596493 मामले दर्ज हुए। 2024 में ये घटनाएं 22 लाख के पार हो गई। यानी पिछले साल 2268346 केस देखने को मिले। अगर चार साल यानी 1460 दिनों का लेखा जोखा देखें तो 2021 से 2024 तक साइबर क्राइम के 5346294 मामले देखने को मिले हैं। रोजाना साइबर क्राइम की लगभग 3661 घटनाएं होती रही हैं।