शुक्रवार की रात गोरखपुर पुलिस महकमे में काफी खलबली मची रही। जिले में शहर से लेकर देहात तक SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने कई दरोगाओं और सिपाहियों पर तगड़ा एक्शन लिया। इसमें चार दरोगा और तीन सिपाही सस्पेंड कर दिए गए। इसके साथ ही शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के दरोगा पर भी कारवाई हुई है।
शुक्रवार का दिन गोरखपुर पुलिस महकमे के लिए खलबली मचाने वाला रहा। SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर के ताबड़तोड़ एक्शन से शहर से देहात तक पुलिसकर्मियों में हड़कंप मचा रहा। कारवाई की शुरुआत कोतवाली के चर्चित रसूखदार दरोगा अरविंद राय से शुरू हुई। कोतवाली क्षेत्र में व्यापारी को थप्पड़ मारने के आरोपी कोतवाली थाने में तैनात दरोगा अरविंद कुमार राय को एसएसपी ने शुक्रवार को लाइन हाजिर कर दिया।शिकायत के बाद जांच में घोर लापरवाही मिलने पर एसएसपी ने आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना क्षेत्र के मियां बाजार स्थित अनन्या इलेक्ट्रॉनिक के मालिक अमित गुप्ता मंगलवार को बंदी होने की वजह से दुकान का सामान उतरवा रहे थे। आरोप है कि तभी कोतवाली थाने की गाड़ी से पहुंचे दरोगा अरविंद कुमार राय ने गाड़ी से उतरते ही मालिक अमित गुप्ता को बिना कारण पूछे थप्पड़ मार दिया। जब दुकान मालिक ने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। घटना सीसी टीवी कैमरे में कैद हो गई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा था। इस घटना को लेकर नाराज व्यापारी कार्रवाई के लिए एसएसपी से भी मिले थे।
विभागीय कार्य में लापरवाही व मनमानी करने के आरोप में एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार की देर रात सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मियों में इंजीनियरिंग काॅलेज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक उदयभान सिंह सहित कुल चार दरोगा और तीन सिपाही शामिल हैं।सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। थाना बेलघाट पर तैनात दारोगा गोपाल यादव, आरक्षी विमलेश यादव और अनिल कुमार पांडेय को ड्यूटी में लापरवाही के चलते निलंबित किया गया है। थाना चौरीचौरा में नियुक्त दरोगा रामगिरीश चौहान और आरक्षी कृष्ण कुमार गौड़ के खिलाफ भी यही कार्रवाई की गई। थाना गोला में तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार को निलंबित किया गया है। वहीं, थाना कैंट क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इंजीनियरिंग काॅलेज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक उदयभान सिंह पर भी यही आरोप तय पाए गए और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।कैंट थाने के कलेक्ट्रेट चौकी इंचार्ज रामानुज सिंह यादव को भी लाइन हाजिर कर इनके विरुद्ध विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।