जिन्ना की तुलना नेहरू-गांधी से करने पर समाजवादी पार्टी के सांसद पर बीजेपी ने साधा निशाना
गोरखपुर। आजादी के कई दशकों बाद पहली बार जिन्ना भारत में सबसे बड़ी बहस का हिस्सा बन चुके हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ भवन में लगी उनकी फोटो का विवाद एक राजनैतिक मुद्दा बन चुका है। आलम यह कि जिन्ना के मुद्दे पर राजनैतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में लोकसभा उपचुनाव जीतकर तीन दशकों के मजबूत किले को फतह करने वाले समाजवादी पार्टी के सांसद प्रवीण निषाद केे जिन्ना पर विवाद के बाद बीजेपी ने पलटवार किया है।
भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय प्रवक्ता डाॅ.सत्येंद्र सिन्हा ने सपा सांसद द्वारा जिन्ना की तुलना नेहरू और अन्य नेताओं से करने पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि अगर सपा सांसद को जिन्ना से इतना ही प्रेम है तो वह पाकिस्तान क्यों नहीं चले जाते। उन्होंने कहा कि देश का विभाजन करने वाला कभी भी इस देश का आदर्श नहीं हो सकता है।
जिन्ना विवाद पर समाजवादी पार्टी के सांसद ने यह बयान दिया था
सांसद प्रवीण निषाद ने कहा कि बीजेपी जिन्ना को आगे कर सांप्रदायिक तनाव में देश को झोंकना चाहती है। 2019 में कोई मुद्दा उसके पास नहीं है। पांच साल में जनता ने देख लिया है। ऐसे में वह देश में दंगा कराने पर आमादा है।
सपा सांसद ने कहा कि आजादी दिलाने में नेहरू, गांधी जैसे जिन्ना का भी योगदान रहा है। इसको नकारा नहीं जा सकता है। जिन्ना के नाम पर बीजेपी की राजनीति कर रही है यह सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी का योगदान भारत को आजाद कराने में जितना था, उतना ही योगदान मोहम्मद अली जिंन्ना का भी रहा है। आज इस देश में वर्गीकरण हो गया है। जाति और धर्म के नाम पर बंटवारा किया जा रहा है। मुस्लिम भाई भी इस देश के निवासी हैं। जितना योगदान हिंदू धर्म के लोगों का इस देश को आजाद करने का है उतना ही मुस्लिम समुदाय के लोगों का भी रहा है। बीजेपी जाति वर्गीकरण करके सामुदायिक दंगे कराना चाह रही है जिससे उसका फायदा हो, पर वह ऐसा नहीं होने देंगे।