गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र का मामला
गोरखपुर के खोराबार ब्लाक प्रमुख के चचेरे भाई की लाश एक नर्स के दरवाजे पर मिली है। प्रमुख के भाई की मौत गोली लगने से हुई है। वारदात के बाद से नर्स व उसकी मां फरार है। घर पर मौजूद एक चार साल के बच्चे के बयान के आधार पर पुलिस इस प्रकरण को खुदकुशी करार दे रही है। हालांकि, मृतक के परिजन इसे सुनियोजित हत्या करार दे रहे हैं। मसला प्रेम प्रसंग से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
ब्लाक प्रमुख खोराबार शैलेष यादव के चचेरे भाई व पेशे से प्रापर्टी डीलर बलराम यादव का बताया जा रहा है कि आना जाना रामनगर कड़जहां के चंद्रिका काॅलोनी की रहने वाली नर्स आकृति दुबे के घर रहा है। बलराम यादव खोराबार ब्लाॅक के मदरहा गांव के रहने वाले थे।
परिजन के अनुसार शाम को बलराम घर से निकले थे। लेकिन रात करीब नौ बजे आकृति दुबे का बलराम के घर फोन आया। उन्होंने बताया कि बलराम को गोली लगी है। वह उसके घर के सामने गेट पर पड़ा हुआ है। परिजन जब पहुंचे तो गेट के पास बलराम की लाश पड़ी थी। उसके सिर पर गोली लगी थी।
परिजन के अनुसार जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो नर्स आकृति दुबे व उसकी मां शालिनी घर में ही थीं। लेकिन कुछ ही देर में वे कहीं गायब हो गईं। बताया जा रहा है कि नर्स के घर में दावत का आयोजन हुआ था। कंडे पर मटन बना था। अंदर भी खून के दाग जगह जगह थे। फ्रीज में बीयर की तीन बोतलें थीं।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घर पर मौजूद आकृति के चार साल के भाई का बयान लिया। उसके अनुसार बलराम ने खुदकुशी की थी। पुलिस इसी बयान को आधार बनाकर आगे जांच बढ़ा रही है। हालांकि, हत्या किए जाने के परिजन के आरोप पर भी पुलिस जांच में जुटी हुई है। बलराम के परिजन ने तहरीर देकर नर्स आकृति दुबे, उसकी मां शालिनी व चार अन्य के खिलाफ हत्या का आरोप लगाया है। परिजन की तहरीर के अनुसार नर्स और उसकी मां ने बलराम को घर के अंदर बुलाकर मददगारों के सहयोग से उनकी हत्या की है।