
CM Yogi Adityanath: CM योगी आज गोरखपुर में राजकीय महिला शरणालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किये। 'हर बेटी और नारी सुरक्षित छांव की अधिकारी' के क्रम में महिलाओं एवं संवासिनियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। शरणालय में महिलाओं के सुरक्षित आवास और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है।
चरगांवा में कृषि विभाग के बीज गोदाम के समीप 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपए की लागत से राजकीय महिला शरणालय के भवन का निर्माण कराया गया है। इस भवन की क्षमता 100 महिलाओं के रहने की है। इसमें रहने के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी हैं। भवन में 10 डारमेट्री कक्ष, चार अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हाल, किचन, स्टोर, शौचालय और स्नानघर बनाए गए हैं। प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए वर्कशाप, वार्डन कक्ष और कार्यालय की व्यवस्था की गई है।
संवासनियों के अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकालय भी बनाया गया है। राजकीय महिला शरणालय महिला कल्याण विभाग के अधीन संचालित संरक्षणात्मक एवं आवासीय संस्था है। इसका उद्देश्य घरेलू हिंसा, जरूरत, संकटपूर्ण परिस्थितियों, भटकाव अथवा अन्य सामाजिक एवं पारिवारिक कठिनाइयों से प्रभावित महिलाओं को सुरक्षित आश्रय, संरक्षण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है। इससे पहले गोरखनाथ मंदिर में सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ के मौके पर CM योगी पहुंचे। CM योगी ने कहा कि भारत में करीब 5 हजार वर्षों से भागवत कथा की परंपरा चली आ रही है। यह ज्ञान, भक्ति और निष्काम कर्म की प्रेरणा देने के साथ जीवन के उद्देश्य को समझने का मार्ग दिखाती है।
पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में 2017 के बाद से आधी आबादी पूरी मजबूती के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ी है। यह 100 बेड का शरणालय मातृशक्ति के लिए बना है। यह प्रदेश 2017 तक बीमारू प्रदेश था। जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो यह 6वें स्थान पर था। उनके कर्म का ही फल है कि उत्तर प्रदेश पूरे भारत में दूसरे पायदान पर पहुंचा है। यह हमारी रैंकिंग दर्शाती है कि किस तरह मुख्यमंत्री ने अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की चिंता की है।