साइबर अपराधी तमाम तरीके के हथकंडे लगाकर लोगों की मेहनत की कमाई को ठगने का काम कर रहे हैं लेकिन पुलिस लगातार ऐसे साइबर अपराधियों को ढूंढ कर पीढ़ियों का धन वसूल कर सकूंन दे रही है।
गोरखपुर शहर में एक रिटायर्ड शिक्षक के साथ साइबर अपराधियों ने NIA अधिकारी बन14 लाख की ठगी कर ली, बाद में फ्राड होने के एहसास पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज की। साइबर पुलिस टीम के प्रयासों से बुजुर्ग के 13.87 लाख रुपये वापस मिल गए। पीड़ित ने एसपी सिटी अभिनव त्यागी से मिलकर पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
जानकारी के मुताबिक गोरखनाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले इंद्रजीत शुक्ल रिटायर्ड शिक्षक हैं।उन्होंने तहरीर देकर बताया था कि 27 जुलाई को अपराह्न तीन बजे एक अनजान व्हाट्सएप कॉल आई, कॉल करने वाले ने बोला कि मैं NIA अधिकारी बोल रहा हूं और तुम्हारा संपर्क पाकिस्तानी आतंकियों से है, उनके साथ तुम्हारा पैसे का लेनदेन होता है।
फोन करने वाले ने धमकी भरे लहजे में बोला कि तुम्हारी जांच की जाएगी, बुजुर्ग जब बोले कि यह गलत है। इतना सुनते ही कॉल करने वाला उन्हें डांटने लगा और बोला कि तुम्हारे खिलाफ सारे साबित मौजूद हैं। इतना सुनते ही पीड़ित के होश उड़ गए, बाद में कॉल करने वाले ने बोला कि तुम्हे बचना है तो PNB बैंक के इस खाते में 14 लाख रुपए जमा कर दो। बुजुर्ग के अगले दिन 28 जुलाई को बैंक जाकर 14 लाख रुपये मोज बेनीवाल नाम के बैंक खाते में जमा करवा दिए।
घर आकर उन्होंने जब कॉल करने वाले को फोन कर पैसा डालने की जानकारी देनी चाही तो उसका नंबर ही बंद बताने लगा, घंटों लगातार फोन किया जाता रहा लेकिन अजनबी की कॉल ब्लॉक था। जब फोन नहीं उठा तब बुजुर्ग को एहसास हुआ कि वे ठगी के शिकार हो गए हैं। बुजुर्ग की तहरीर पर केस की साइबर थाने की टीम जांच कर रही थी। रुपये वापस दिलाने में साइबर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर रसीद खां, निरीक्षक सुभाष चंद, उप निरीक्षक उपेंद्र सिंह, काॅन्स्टेबल प्रमोद यादव ने मुख्य भूमिका निभाई।