गोरखपुर

डा. विभा दत्ता बनीं AIIMS गोरखपुर की नई ED, 35 वर्षों तक सेना में दे चुकी हैं सेवा

AIIMS गोरखपुर को लंबे अरसे बाद नए स्थाई ED की नियुक्ति मिली है। डॉक्टर विभा दत्ता ने 35 वर्षों तक सेना में सेवा दी हैं। इनके पति भी आर्मी मेडिकल कोर ने में सर्व कर चुके हैं।

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Jan 25, 2025

डा. विभा दत्ता को AIIMS गोरखपुर का नया ईडी बनाया गया है। वह इस AIIMS की दूसरी स्थाई कार्यकारी निदेशक होंगी। पहली कार्यकारी निदेशक डा. सुरेखा किशोर थीं। डा. दत्ता AIIMS नागपुर की निदेशक रह चुकी हैं। संभावना जबकि जल्द कार्यभार ग्रहण कर लेंगी। डा. विभा दत्ता डा. अजय सिंह का स्थान लेंगी। उनका कार्यकाल रविवार को समाप्त हो रहा है।

लंबे अरसे बाद मिला AIIMS गोरखपुर को ED

डा. विभा 2018 से 2023 तक नागपुर AIIMS की निदेशक रह चुकी हैं। यहां उन्होंने वेलफेयर के लिए कई योजनाएं शुरू की थीं। बता दें कि गोरखपुर AIIMS में लंबे समय से अस्थाई ईडी के भरोसे काम चल रहा था। 2 जनवरी 2024 को तत्कालीन ईडी डा. सुरेखा किशोर को विजिलेंस जांच के बाद पद से हटाया गया था। उसके बाद पटना AIIMS के ईडी डा. गोपाल कृष्ण पाल को जिम्मेदारी दी गई थी। कुछ दिनों बाद विवादों के चलते उन्हें भी हटा दिया गया। उसके बाद भोपाल AIIMS के ईडी डा. अजय सिंह को अस्थाई ईडी बनाया गया था।

35 वर्षों तक सेना में दे चुकी हैं सेवा, पति भी आर्मी मेडिकल कोर से रिटायर्ड

गोरखपुर AIIMS की नई ईडी बनाई गईं मेजर जनरल (रिटायर्ड) डा. विभा दत्ता ने आर्मी में 35 वर्षों तक सेवा दी है। कालेज आफ मेडिकल साइंसेस दिल्ली से 1976 में चिकित्सा विज्ञान में स्नातक करने के बाद उन्होंने सशसत्र बल मेडिकल कालेज पुणे से पैथालाजी में एमडी व AIIMS दिल्ली से डाक्टरेट की डिग्री हासिल की है। टाटा मेमोरियल हास्पिटल मुंबई से कैंसर पैथोलाजी और क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल बर्मिंघम, यूके से लिवर ट्रांसप्लांट पैथोलाजी में प्रशिक्षित हैं। उनके पति मेजर जनरल डा. अजय दत्ता भी आर्मी मेडिकल कोर में रह चुके हैं।

सौ से अधिक शोध पत्र हो चुके हैं प्रकाशित

सशस्त्र बलों में अपनी विशिष्ट सेवा के दौरान एएफएमसी पुणे में पैथोलाजी की विभागाध्यक्ष, आर्मी हास्पिटल नई दिल्ली में पैथोलाजी की विभागाध्यक्ष और कमांड हास्पिटल लखनऊ में वर्ष 2016 से 2018 तक कमांडेंट रह चुकी हैं। सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद वर्ष 2018 में एम्स नागपुर की संस्थापक निदेशक व सीईओ बनीं। 100 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित हैं।

Published on:
25 Jan 2025 03:27 pm
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