गोरखपुर एम्स में तैनात गार्डों की अराजकता बढ़ती ही जा रही है, कैंपस में आए दिन इनके दुर्व्यवहार की शिकायतें आ रही हैं। ताजा घटना में पर्चा बनवाने पहुंचे सेना के जवान और उसके साथी के साथ सुरक्षा गार्डों ने मारपीट की, इतना ही नहीं गार्डों ने सेना के जवान की वर्दी भी फाड़ दी।
गोरखपुर से एम्स के गार्ड पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं, आम आदमी के साथ अब ये देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के साथ भी दुर्व्यवहार करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मनका एम्स की OPD का है जहां सेना के एक जवान और उसके साथी के साथ कथित तौर पर सुरक्षा गार्डों द्वारा मारपीट की गई।
जानकारी के अनुसार, सेना का जवान अपने साथी के साथ अस्पताल में पर्चा बनवाने पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर सुरक्षा गार्डों के साथ उसका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि गार्डों ने जवान और उसके साथी के साथ हाथापाई शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि गार्डों ने न सिर्फ जवान को पीटा, बल्कि उसकी यूनिफॉर्म तक फाड़ दी। उसके साथी के कपड़े भी फाड़े गए। आरोप यह भी है कि दोनों को कुछ समय तक जबरन रोके रखा गया, यानी उन्हें वहां से जाने नहीं दिया गया। इस दौरान जब जवान ने किसी को फोन करने की कोशिश की, तो गार्डों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया।
इस घटना के चलते OPD परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। मरीजों और उनके परिजनों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिला। किसी तरह जवान गार्डों के कब्जे से निकलने में सफल रहा और सीधे पुलिस के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच, एक महिला मरीज ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि OPD में तैनात एक गार्ड ने उसे अंदर जाने से रोका और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके साथ बैड टच किया गया, जिससे वह काफी सहम गई। यह भी आरोप सामने आया है कि महिला मरीजों की लाइन में पुरुष गार्डों की ड्यूटी लगाई गई थी, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। आमतौर पर ऐसी जगहों पर महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की अपेक्षा की जाती है, खासकर जब बात महिला मरीजों की हो।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों का आक्रोश बढ़ने लगा। कई लोगों ने मांग की है कि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया। रविवार सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर संबंधित गार्डों को बुलाकर उनसे पूछताछ की गई और उन्हें फटकार भी लगाई गई। जिस तरह से एक सेना के जवान और महिला मरीज के साथ व्यवहार के आरोप लगे हैं, उसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।