परिवारीजन का आरोप, सरकार ने गलत ढंग से फंसाया
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज के आॅक्सीजन कांड के आरोपियों में एक एनेस्थिसिया विभाग के डाॅ.सतीश की जमानत याचिका पर अब 14 मई को सुनवाई होगी। तय तारीख पर सुनवाई नहीं होने से सुनवाई की तारीख बढ़ा दी गई है। अब डाॅ.सतीश के परिजन 14 तारीख को जमानत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
परिवारीजन का कहना है कि डाॅ.सतीश को बेवजह फंसाया गया है। वह आक्सीजन हादसे वाले दिन छुट्टी पर थे। उनकी छुट्टी बाकायदे मंजूर की गई थी
डाॅ.सतीश के पक्ष में मुखर हुए बीआरडी के डाॅक्टर्स
आक्सीजन कांड के आठ महीने बाद डाॅक्टरों की चुप्पी अब टूटने लगी है। इस मुद्दे पर बात नहीं करने वाले डाॅक्टर जेल में बंद डाॅक्टरों की आवाज बनने लगे हैं। सोमवार को गोरखपुर में डाॅक्टर्स ने आक्सीजन कांड के आरोपी पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र व डाॅ.सतीश कुमार के समर्थन में विरोध मार्च निकाल कर डाॅक्टर्स की रिहाई की मांग की थी।
बीआरडी मेडिकल काॅलेज में सोमवार को कई दर्जन डाॅक्टर मुख्य गेट पर एकत्र हुए थे। हाथों में तख्तियां लिए ये डाॅक्टर आक्सीजन कांड में डाॅक्टर्स को फंसाए जाने का आरोप लगा रहे थे। इनकी मांग थी कि केवल कुछ लोगों को बचाने के लिए बिना किसी सबूत के डाॅक्टर्स को साफ्ट टारगेट बनाया गया और उनको जेल के सलाखों के पीछे भेज दिया गया। प्रदर्शन कर रहे डाॅक्टर्स का कहना था कि अगर जेल की सलाखों के पीछे भेजे गए डाॅक्टर्स के खिलाफ कोई सबूत रहते तो पुलिस पेश कर चुकी होती। बेवजह डाॅक्टर्स को जेल में रखा गया है।
इस प्रदर्शन में डाॅ.सतीश कुमार की पत्नी अनीता रैन व बेटी भी मौजूद थीं। इन महिलाओं का कहना था कि आठ महीने से डाॅक्टर सतीश को जेल में रखा गया है। परिवार बर्बाद हो रहा है। जो भी आरोप उन पर लगे हैं वह निराधा हैं फिर भी उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। इनका कहना था कि डाॅ.सतीश को साजिश के तहत फंसाया गया है।
दो लोगों को मिल चुकी है जमानत, दो की जमानत हो चुकी है खारिज
आक्सीजन कांड के नौ आरोपियों में आरोपी बनाए गए दो लोगों डाॅ.कफिल खान व ऑक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी को जमानत मिल चुकी है। ऑक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी को सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। मनीष की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी। जबकि इसके बाद डाॅ.कफिल खान को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन इसी मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज हो चुकी है।