
BRD Medical College FIR
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज में अगस्त 2017 में हुए आक्सीजन कांड की आरोपी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला की भी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला मेडिकल काॅलेज केे पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र की पत्नी हैं। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला की जमानत याचिका खारिज की है।
दो मई को इस मामले में सुनवाई नहीं होने की वजह से सात मई को सुनवाई की गई। होम्योपैथिक चिकित्सक डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला पर आरोप है कि डाॅ.राजीव मिश्र के प्राचार्य कार्यकाल में मेडिकल काॅलेज में एक भी बिल-बाउचर बिना कमीशन के पास नहीं होता था। हर मामले में पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र की पत्नी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला का हस्तक्षेप रहा है। बिना उनकी इजाजत के एक भी फाइल पास नहीं होती थी। प्राचार्य के कामों में वह बराबर हस्तक्षेप रखती थीं।
10-11 अगस्त 2017 को हुए आक्सीजन हादसे में उन पर आरोप है कि आक्सीजन सप्लायर के बकाया भुगतान में भी उनके द्वारा अडंगा लगाया गया था।
कोर्ट ने मामले के तथ्यों व परिस्तिथियों के मद्देनजर इस स्तर पर जमानत मंजूर करने से इनकार कर दिया। डॉ. पूर्णिमा की जमानत के समर्थन में कहा गया था कि वह सात माह से जेल में है और मामले के अन्य सहअभियुक्तों की जमानत मंजूर हो चुकी है।
डाॅ.राजीव लोहिया संस्थान में भर्ती
पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र इस समय पुलिस की अभिरक्षा में लखनउ स्थित लोहिया संस्थान में इलाजरत हैं। वह हृदय सहित कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने की वजह से लोहिया संस्थान में रेफर किए गए हैं। बीते दिनों डाॅ.राजीव मिश्र की जमानत याचिका भी नामंजूर कर दी गई थी।
दो लोगों को मिल चुकी है जमानत
आक्सीजन कांड के नौ आरोपियों में आरोपी बनाए गए दो लोगों डाॅ.कफिल खान व ऑक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी को जमानत मिल चुकी है। ऑक्सीजन सप्लायर मनीष भंडारी को सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। मनीष की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी। जबकि इसके बाद डाॅ.कफिल खान को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लेकिन इसी मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव मिश्र व उनकी पत्नी डाॅ.पूर्णिमा शुक्ला की जमानत याचिका हाईकोर्ट में खारिज हो चुकी है।
Published on:
08 May 2018 12:58 am
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