गोरखपुर

पहली बार एक्टिंग की थी तो कई दिनों तक मार पड़ती रही

फिल्म काशी के कलाकार पारितोष त्रिपाठी ने साझा की अपनी यादें
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paritosh tripathi
पहली बार एक्टिंग की थी तो कई दिनों तक मार पड़ती रही

बचपन में जिस एक्टिंग की वजह से आए दिन मार पड़ती थी आज वही अभिनय उसके परिवार वालों को गौरवान्वित कर रहा है। कहते हैं कि जोश और जुनून हो तो हर मंजिल कदमताल करती हुई मिलेगी। पारितोष के लिए भी यही जुनून उनकी सफलता का साथी बन रहा है।

टीवी जगत में टीआरपी मामा के नाम से लोगों में प्रसिद्ध यह युवा कलाकार अब फिल्म ‘काशी’ में रंगीला के किरदार में ठेठ बनारसीपन से सबको रिझा रहा है।
अभी दो दिन पहले सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘काशी-इन सर्च आॅफ गंगा’ में अभिनेता सरमन जोशी के साथ उनके सबसे खास दोस्त रंगीला के किरदार में नजर आ रहे पारितोश त्रिपाठी देवरिया जनपद के रहने वाले हैं। काशी उनकी पहली फिल्म है।

IMAGE CREDIT: Dheerendra Gopal

पत्रिका से बातचीत करते हुए पारितोष बताते हैं कि बचपन से ही एक्टिंग मेरे अंदर एक जुनून की भांति रहा। युवावस्था आते-आते अपने इस जुनून को ही कॅरियर बनाने का फैसला कर दिया। लेकिन देवरिया जैसे शहर में न कोई थियेटर था न ही कोई एक्टिंग स्कूल। पारितोष बताते हैं कि थियेटर करने के लिए वह गोरखपुर आने-जाने लगे। दूरी उनके इरादे को डिगा नहीं सका। यह 2004-05 की बात रही होगी जब बस से देवरिया से गोरखपुर केवल थियेटर करने जाते। फिर निर्णय लिया कि अब समय आ गया है बड़े शहरों की ओर रूख करने का। पारितोष 2006 में दिल्ली चले गए। वहां के नामीगिरामी थियेटर में काम करने के बाद एक थियेटर ग्रुप की नींव रखी। तीन सालों तक दिल्ली में खूब थियेटर करने के बाद सपनों की नगरी मुंबई पहुंच गए। वहां शुरूआती दौर संघर्ष के रहे लेकिन बाद में कुछ टेलीविजन शो व सीरियल्स में काम मिलने लगे। कामेडी सर्कस में टीआरपी मामा के किरदार ने उनको यहां पहचान दी।

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छोटे शहरों के युवाओं को कॅरियर के रूप में अभिनय को चुनना कितना दुरूह निर्णय होता है यह पारितोष अपनी बचपन की एक याद को साझा करते हुए बताते हैं। पारितोष ने बताया कि बचपन में गांव में एक नाटक के लिए उनको हिजड़े का किरदार निभाना पड़ा। इसके लिए बकायदा मेकअप वगैरह भी किया गया था। पैर भी रंग दिया गया था। जब घर में शिक्षक पिता को इसकी जानकारी हुई तो वे बहुत नाराज हुए। पारितोष बताते हैं कि पहले ही दिन खूब मार पड़ी। इसके बाद लगातार पांच दिनों तक किश्तों में मार पड़ती रही। लेकिन बाद में परिवार ने उनकी अभिनय की दुनिया में जाने के निर्णय पर पूरा सपोर्ट दिया।

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Published on:
29 Oct 2018 02:02 pm