गोरखपुर

कार्तिक पूर्णिमा में यहां एेसा कुछ हुआ कि लग गर्इ भीड़, दौड़े पुलिसवाले व अधिकारी

Casuality on kartik purnima
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Updated: 23 Nov 2018, 5:11 PM IST
Illegal Mining in Son River
Illegal Mining in Son River

कार्तिक पूर्णिमा के दिन नदियों में नहाते हुए अलग-अलग जगहों पर चार लोगों की जान चली गई। बस्ती में दो लोगों की जान चली गई तो कुशीनगर व सिद्धार्थनगर में एक-एक की डूबने से मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुशीनगर के तमकुहीराज क्षेत्र के बाघाचैर गांव के पास नारायणी नदी में नहाने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही जुटे हुए थे। गांव का ही अट्ठारह साल का गुलशन भी नदी में नहाने गया था। सुबह-सवेरे नहाते वक्त उसका पांव फिसल गया और वह गहरे पानी में समा गया। इस घटना के बाद गुलशन के घर में चीख पुकार मच गई।
बस्ती के कैंट क्षेत्र में सरयू में नहाते हुए दो युवक भोर में ही डूब गए। पंडित का पुरवा नामक गांव के सत्रह साल के शिवम व अट्ठारह साल का जितेंद्र चैहान सुबह-सवेरे नदी में नहाने गए थे। नहाते समय वे गहरे पानी में चले गए। गहरे पानी में वे खुद को संभाल नहीं सके और डूबने लगे। जबतक लोग दोनों युवकों को बचाने पहुंचते दोनों डूब चुके थे।
सिद्धार्थनगर के बिस्कोहर में पोखरे में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। बिस्कोहर बाजार के रहने वाले 35 वर्षीय बैजू भोर में कार्तिक पूर्णिका का स्नान करने पहुंचे थे। नहाते वक्त उनका पैर फिसला और वे पोखरे में गिर गए। सुबह लोगों ने उनका शव तैरते हुए देखा तो पुलिस को सूचित किया।

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