
गोरखपुर. जब से यूपी में बीजेपी की सरकार बनी तबसे धीरे-धीरे कई चीजों के रंग में परिवर्तन हुआ। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में उनके कार्यालय से लेकर यूपी के रोडवेज की कई बसों तक का रंग भगवा कर दिया गया है। इसी कड़ी में अब गोरखपु के ऐतिहासिक घंटाघर पर भी भगवा रंग चढ़ाया जा रहा है। हालांकि इसके बारे में अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि घंटाघर को भगवा रंग में रंगने का कोई आदेश नहीं आया है। नगर निगम के अधिकारियों ने ऐसे ही अचानक से यह रंग चुन लिया।
बतादें कि अभी हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ का सचिवालय केसरिया यानी भगवा कर दिया था। सचिवालय का बाहरी दीवार से लेकर छज्जे तक को केसरिया रंग में तब्दील किया जा रहा है। इसको लेकर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सीएम योगी के सचिवालय को पूरा भगवा बना दिया गया। सीएम योगी के सचिवालय का बाहरी रूप ही नहीं, उनके अंदरूनी रूप भी केसरिया रंग में बदल दिया गया है। बतादें कि खुद योगी भी भगवा चोले में ही नजर आते हैं।
योगी सरकार के इस कदम पर विपक्ष ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस ने इसे भाजपा के हिंदू एजेंडे से जोड़ दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सीएम योगी को सरकारी भवनों के साथ सियासत नहीं करनी चाहिए। इस बीच, योगी सरकार ने सफाई दी है कि रंगा-पुताई रूटीन वर्क है। विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। रंग किसी धर्म विशेष के नहीं होते हैं। ऐसे में विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर ही गौर करना चाहिए।