
Gram Prahari Sammelan: गोरखपुर पुलिस लाइन में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मेलन में मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने ग्राम प्रहरियों को पुलिस व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि गांवों में शांति बनाए रखने, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने और जरूरतमंदों की मदद करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मंडलायुक्त ने अपने अलीगढ़ जिलाधिकारी रहते हुए हुई एक घटना का उल्लेख कर ग्राम प्रहरियों की सतर्कता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि एक महिला रात करीब एक बजे अपनी मौसी के घर जा रही थी, और ऐसे समय में स्थानीय स्तर पर सक्रिय सूचना तंत्र तथा ग्राम प्रहरियों की सजगता सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक होती है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरी अपने क्षेत्र से परिचित होने के कारण पुलिस को समय पर उपयोगी जानकारी दे सकते हैं।
सम्मेलन में एडीजी जोन रामकुमार ने मिशन शक्ति अभियान के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के प्रयासों पर प्रकाश डाला। अभियान में योगदान देने वाली महिला उपनिरीक्षकों और महिला कांस्टेबलों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा का भरोसा दिलाने तथा जरूरतमंदों तक पुलिस सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल महिलाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना भी है। यह अभियान महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए ‘संबल’ तथा ‘समर्थ्य’ दो स्तंभों पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली से ऑनलाइन जुड़कर ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ी घोषणाएं कीं: ग्राम प्रहरियों का मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।
उन्होंने ग्राम प्रहरियों से टीम भावना से काम करने और गांव की गतिविधियों की जानकारी संबंधित थाने तक पहुंचाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार शहरों में सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा व्यवस्था में सहायक होते हैं, उसी प्रकार गांवों में ग्राम प्रहरी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सूचना स्रोत हैं।
सम्मेलन में ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, खजनी विधायक श्रीराम चौहान, एडीजी जोन रामकुमार, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 500 ग्राम प्रहरियों ने भाग लिया।
सम्मेलन का मुख्य संदेश रहा कि पुलिस, ग्राम प्रहरी और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही गांवों में सुरक्षा, महिलाओं का सम्मान और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति 2020 से महिला सुरक्षा और जागरूकता के लिए संचालित हो रहा है।