पुलिस प्रेमी को हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ
गोरखपुर के खजनी में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सुबह सवेरे झोपड़ी में शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। झोपड़ी में ही शव के पास रस्सी और चाकू भी मिला है। पुलिस मौत को संदिग्ध मान रही है। युवक की पत्नी ने पति की खुदकुशी की बात कही है जबकि युवक की बहन ने पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। फिलहाल, पुलिस प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही।
खजनी क्षेत्र के सहजुपार गांव के भाखरा टोला में रहने वाले गोविंद का शव शनिवार की सुबह उसकी झोपड़ी में ही मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि किसी ने युवक की गला दबाकर हत्या की है। शव के पास रस्सी और चाकू भी पड़ा हुआ था। शव मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। लोगों ने पुलिस को इत्तला की। मौके पर पुलिस पहुंची। फाॅरेंसिक टीम भी बुलाई गई। जांच -पड़ताल हुई। जरूरी सबूत जांच दल ने एकत्र किए।
मृतक की पत्नी के अनुसार उसका पति शराब बहुत पीता था। शराब के नशे में धुत होकर घर आता था तो मारता-पीटता। आए दिन घर पर पीकर आता और झगड़ा करता। पत्नी ने बताया कि रात में भी वह शराब के नशे में धुत होकर आया और झगड़ा किया। रात में ही फंदा गले में लगाकर लटक गया। जब उसको पता चला तो वह वहां पहुंची और किसी तरह फंदा काटकर उसे नीचे उतारा लेकिन तबतक बहुत देर हो चुका था। उसने वहीं पास पड़े चाकू और रस्सी के बारे में भी बताया।
हालांकि, मृतक की बहन इस बात से इत्तेफाक नहीं रखती। उसकी बहन का आरोप है कि मृतक की पत्नी ने साजिश के तहत उसके भाई को मारा है। उसने आरोप लगाया कि पत्नी का किसी दूसरे से अवैध संबंध था। प्रेमी और पत्नी ने मिलकर गोविंद को जान से मार दिया और साक्ष्य को छुपाते हुए मनगढ़ंत बात बता रहे हैं।
बहन के आरोप के बाद पुलिस ने इस संदिग्ध मौत के आरोपी तथाकथित प्रेमी को हिरासत में ले लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आने के बाद पुलिस कार्रवाई की बात कह रही है। हालांकि, पुलिस फौरी तौर पर जरूरी तथ्यों की पड़ताल करनी शुरू कर दी है।
उधर, हिरासत में लिए गए प्रेमी का कहना है कि वह गोविंद के घर कई सालों से रह रहा है। पत्नी और उसके रिश्ते के बारे में पति गोविंद जानता था। देवरिया जनपद के रूद्र्रपुर के रहने वाले भीम के अनुसार वह पूरे घर का खर्च चलाता था। कभी भी गोविंद को उसके घर में रहने पर आपत्ति नहीं हुई। उसकी मानें तो गोविंद की बेटियों की शादी भी उसी ने करायी थी।