गुरुवार को जिले के कई विभागों में हड़कंप मचा रहा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने एक साथ कई विभागों पर रेड डाला। काफी दिनों से उच्च अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी कि इन कार्यालयों में दलालों का बोलबाला है। किसी भी काम को कराने के लिए रेट निर्धारित हैं।
जिले में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को सदर तहसील, रजिस्ट्री ऑफिस और आरटीओ गीडा और चरगांवा कार्यालय पर छापा मारा।गीडा स्थित आरटीओ से दो दलाल हिरासत में लिए गए। उनसे पूछताछ चल रही है। इसको लेकर पूरे दिन सरकारी विभागों में हड़कंप मचा रहा।
बताया जा रहा है कि बुधवार को अधिवक्ताओं ने बैठक कर तहसील व निबंधन कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रस्ताव पारित किया था। इसकी कॉपी मुख्यमंत्री व विपक्ष के नेताओं को भी भेजा गया था। माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को इसी परिप्रेक्ष्य में कार्रवाई हुई है। सदर तहसील और रजिस्ट्री ऑफिस में सिटी मजिस्ट्रेट मंगलेश दूबे ,सीओ कैंट अंशिका वर्मा पुलिस टीम के साथ पहुंंची थीं। तहसील में एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल और गीडा आरटीओ में एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई टीम के साथ पहुंचे थे।
आरटीओ चरगांवा की आरआई सीमा गौतम ने बताया कि पुलिस, दलालों को पकड़ने के लिए बार-बार छापा मार रही है। बृहस्पतिवार को भी पुलिस पहुंची और लोगों व कर्मचारियों से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में पैसे कमाने का खेल अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है।
उधर, आरटीओ गीडा में पुलिस व प्रशासन की टीम ने छापा मारा, जिसमें कुछ दस्तावेज की तत्काल पड़ताल भी की गई। एआरटीओ प्रशासन अरूण कुमार ने बताया कि आरटीओ गीडा में पुलिस का छापा प्रदेशस्तर पर रूटीन के तहत पड़ा है। इसमें पुलिस ने अपने स्तर से कार्यालय में जांच की है।