प्रयागराज विवाद
इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने पर हो रहे विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि जिन्हें अपनी परंपराओं का ज्ञान नहीं वे ही सवाल उठा रहे हैं। जनभावनाओं का ख्याल रखते हुए नाम बदलने का निर्णय लिया गया है। जो सवाल कर रहे उनका काम केवल विरोध करना ही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नवरात्रि व दशहरा की परंपरागत पूजन के लिए गोरखपुर आए हैं।
इलाहाबाद के नाम परिवर्तन पर उन्होंने कहा कि हर भारतीय को अपनी परंपरा, संस्कृति पर गर्व की अनुभूति होती है। प्रयागराज भी उसी गौरवशाली परंपरा की निशानी है। प्रयागराज वह ब्रह्मस्थान है जहां ब्रह्माजी ने पहला यज्ञ किया था। मुगलों ने पांच सौ साल पहले इसका नाम बदलकर इलाहाबाद कर दिया था। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड से प्रयागराज तक अनेक प्रयाग हैं। हर एक प्रयाग में दो नदियों का पवित्र संगम है। प्रयागराज सभी प्रयागों का राजा है। भारत की सनातन आस्था का प्रतीक प्रयागराज है। इस पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए, यह जनभावना को ध्यान में रखकर किया गया है।