राजस्थानी मैनेजर के प्रकरण में पुलिस ने किया अहम खुलासा
बढ़िया जाॅब दिलाने का झांसा देकर काम कराना, आए दिन प्रताड़ित करने के साथ प्रदेश का नाम लेकर नीचा दिखाना एक निजी कंपनी के मैनेजर पर भारी पड़ गया। प्रताड़ना से आजिज आकर युवक ने डंडे से वारकर मैनेजर की जान ले ली और फिर फरार हो गया।
एसएसपी शलभ माथुर ने शाहपुर क्षेत्र में दो दिन पहले हुए हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए यह बात बताई। गोरखपुर में रह रहे एक निजी कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत राजस्थान के रहने वाले बजरंग सिंह की हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपी को पेश करते हुए एसएसपी ने बताया कि बजरंगी सिंह एक कंपनी में कार्यरत थे। अखबार में इश्तेहार देकर उन्होंने कई लोगों को नौकरी दी थी। एसएसपी ने बताया कि बिहार के
गया का रहने वाला संजीत कुमार भी नौकरी करने गोरखपुर कुछ दिनों पहले आया था। इंटरव्यू लेते समय उसे बताया गया कि ट्रेनिंग दी जाएगी और इस दौरान उसे 8500 रुपये व खाना-पीना कंपनी की ओर से मुफ्त में दिया जाएगा।
एसएसपी ने बताया कि संजीत काम करने लगा। लेकिन जल्द की धनवान बनने का ख्वाब दिखा रही कंपनी उसके अरमानों को धीरे धीरे तोड़ने लगी। पुलिस के अनुसार संजीत को सामान बिक्री के लिए लगाया गया। जिस दिन सामान नहीं बिकता मैनेजर उसे मारता-पीटता और प्रताड़ित करता। यही नहीं खाना-पीना भी ठीक से नहीं दिया जाता था। मैनेजर द्वारा उसे बिहारी कहकर भी प्रताड़ित किया जाता लेकिन वह सहता रहा। पुलिस के अनुसार प्रताड़ना से आजिज आकर संजीत ने मैनेजर की जान लेने की प्लानिंग करनी शुरू कर दी। दस दिनों तक वह हथियार के चयन में लगा दिया। फिर एक दिन उसने यह तय किया कि जिस डंडे से मैनेजर उसे मारता है उसी से उसको मार डालूं। 16 अगस्त को मैनेजर ने संजीत को सामान नहीं बिकने पर बुरी तरह मारा पीटा। रात में मौका देखकर उसने मैनेजर के सिर पर प्रहार कर दिया। मैनेजर वहीं लुढ़क गया। हत्या के बाद संजीत बिहार भाग गया।
इस प्रकरण में पुलिस ने कंपनी में काम करने वाले तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मैनेजर की हत्या के बाद एक कर्मचारी संजीत गायब मिला। पुलिस ने शक के आधार पर संजीत को हिरासत में लेने की ठानी। बिहार के एक गांव से उसे हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने सबकुछ बता दिया। पुलिस ने कत्ल में इस्तेमाल किए गए डंडे को भी बरामद कर लिया है।