
फ़ोटो सोर्स: पत्रिका
गोरखपुर के गुलहरिया थानाक्षेत्र में एक निजी अस्पताल पर परिजनों ने इलाज में लापरवाही के साथ ही मृतक की किडनी निकालने का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को कंट्रोल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच पड़ताल शुरू की।
जानकारी के मुताबिक, रामगढ़ ताल थानाक्षेत्र के मंझरिया बड़गो गांव निवासी अक्षयवर निषाद और उनके भाई पप्पू निषाद का 28 अप्रैल की सुबह पड़ोसियों सुमित निषाद, राजकुमार निषाद, नेहा निषाद व रामवती निषाद से खेत के विवाद को लेकर मारपीट हो गई, जिसमें दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद दोनों को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
परिजनों ने अच्छे इलाज की बात सोच निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों के मुताबिक, इलाज के दौरान सुबह करीब 11 बजे पप्पू निषाद की मौत हो गई। आरोप है कि देर रात करीब 10:30 बजे अस्पताल के डॉक्टरों ने अक्षयवर निषाद की हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर किया और एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिया।
परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस पर लाने से पहले ही अक्षयवर की मौत हो चुकी थी और अस्पताल स्टाफ मौके से गायब हो गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि सिर में गंभीर चोट होने के बावजूद अस्पताल में पेट का ऑपरेशन किया गया, जिससे उन्हें संदेह है कि कहीं किडनी तो नहीं निकाल ली गई। इसी आरोप को लेकर अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया।
परिजनों ने बताया को इलाज के दौरान लगभग पांच लाख रुपए लिए गए इसके बाद मृत अक्षयवर को जब रेफर किए तो स्टाफ ने बोला कि एक लाख रुपए ले लो और मेडिकल कॉलेज ले जाओ। इस पर परिजनों ने रुपये लेने से इनकार करते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची गुलरिहा पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू में किया और अक्षयवर निषाद के शव को मर्चरी भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
01 May 2026 01:45 pm
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