इस स्टार्टअप की स्थापना अभिनव सिंह (एम.एससी. फूड टेक्नोलॉजी, अंतिम वर्ष) ने अपने बिजनेस पार्टनर्स शिवम सिंह, मनीष सिंह एवं निर्भय सिंह के साथ मिलकर की है। चारों युवाओं ने लगभग 1 लाख रुपये की लागत से इस उद्यम को प्रारंभ किया है।
बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता के इस दौर में गोरखपुर के युवाओं ने एक प्रेरणादायक पहल करते हुए “Nature’s Sandwich” नाम से एक हेल्थ-बेस्ड फूड स्टार्टअप की शुरुआत की। इस फूड कार्ट का शुभारंभ दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव तथा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा, प्रो. एस.एस. दास, डॉ. सी.पी. अग्रवाल की उपस्थिति रही।
इस स्टार्टअप का मार्गदर्शन गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. दिव्या रानी सिंह द्वारा किया गया, जिनके सहयोग और निर्देशन से यह पहल सफलतापूर्वक साकार हो सकी। यह स्टॉल नियमित रूप से गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने लगाया जाएगा, जिससे छात्रों एवं स्थानीय लोगों को हेल्दी फूड विकल्प उपलब्ध हो सके।
“Nature’s Sandwich” की सबसे बड़ी विशेषता इसका हेल्थ-फोकस्ड कॉन्सेप्ट है। यहाँ तैयार किए जाने वाले सैंडविच कम वसा में बनाए जाते हैं तथा उनमें ताजी सब्जियों का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक स्नैक्स का विकल्प प्रदान करना है। वर्तमान समय में जहाँ फास्ट फूड के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ रही हैं, वहीं यह पहल एक बेहतर और संतुलित विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “आज के युवा यदि शिक्षा के साथ-साथ नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ें, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकते हैं। ‘Nature’s Sandwich’ जैसी पहल स्वास्थ्य और स्वरोजगार दोनों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।”
प्रो. दिव्या रानी सिंह (विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग) ने बताया कि इस स्टार्टअप की प्रेरणा लोगों को हेल्दी और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिली। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल युवाओं की उद्यमशीलता का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और स्वस्थ भोजन संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी बताया कि यह गृह विज्ञान विभाग की एक पहल (initiative) है।
कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू डॉ. अनुभूति दुबे, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. नीता सिंह, डॉ. गार्गी, डॉ. गरिमा यादव सहित गृह विज्ञान विभाग की शोध छात्राओं की उपस्थिति रही।