
फ़ोटो सोर्स: पत्रिका, आशा वर्करों को समझाते CMO
गोरखपुर में बकाया भुगतान की मांग को लेकर आशा बहुओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचीं आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से विभिन्न मदों का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धरने के दौरान आशा बहुओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वे लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय और अन्य प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र बकाया भुगतान कराने की मांग की।
मामले को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजेश झा ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी भी आशा कार्यकर्ता का भुगतान वास्तव में लंबित है और उसका संबंधित बाउचर या वैध दस्तावेज उपलब्ध है, तो विभाग तत्काल भुगतान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि विभाग पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और बिना प्रमाण के किसी भी भुगतान का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सीएमओ ने यह भी कहा कि धरना दे रहीं आशा बहुएं अपने बकाया भुगतान से संबंधित कोई ठोस बाउचर या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाईं और केवल मौखिक आरोप लगाती रहीं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कोई भी कार्यकर्ता उचित प्रमाण प्रस्तुत करता है, तो उसका भुगतान तत्काल कराया जाएगा।
स्थिति को संभालने के लिए एसीएम द्वितीय राजू कुमार मौके पर पहुंचे और आशा बहुओं से वार्ता की। उन्होंने उन्हें शांतिपूर्वक अपनी बात रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने की सलाह दी। अधिकारियों के समझाने के बाद आशा बहुएं धीरे-धीरे शांत हुईं और अंततः बिना कोई बाउचर प्रस्तुत किए धरना समाप्त कर वहां से लौट गईं।
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगे सभी कर्मियों का भुगतान नियमों के तहत सुनिश्चित किया जाता है और यदि कहीं कोई वास्तविक समस्या है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा। वहीं, अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए संबंधित दस्तावेजों के साथ विभाग से संपर्क किया जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके।
Updated on:
24 Mar 2026 09:20 pm
Published on:
24 Mar 2026 09:20 pm
