गोरखपुर के निर्वतमान SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने बुधवार को नए SSP राजकरन नैय्यर को कार्यभार सौंपे। डॉक्टर ग्रोवर गोरखपुर में तैनाती का रिकॉर्ड कायम किए। जिले में 35 साल बाद कोई अधिकारी इतने समय तक SSP के रूप में तैनात रहा है।
नवागत SSP राजकरन नैय्यर बुधवार की शाम कैंप कार्यालय पहुंचकर निवर्तमान SSP डॉ गौरव ग्रोवर से गोरखपुर के SSP का पदभार ग्रहण किए। बता दें कि राज करन नैय्यर 2012 बैच के IPS हैं। हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले श्री नैय्यर की शैक्षिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली है उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में BE और नैनोटेक्नोलॉजी में MTech की डिग्री हासिल की है। अपनी तकनीकी पृष्ठभूमि के बावजूद, उन्होंने पुलिस सेवा में आकर कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अपनी विशेष पहचान बनाई। श्री नैय्यर जून 2023 से अयोध्या के SSP के रूप में तैनात थे। उनके कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह (जनवरी 2024) जैसे बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
इस दौरान उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने, और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी रणनीतिक योजना और नेतृत्व की वजह से अयोध्या में किसी भी बड़ी अप्रिय घटना से बचा जा सका। गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद होने के साथ-साथ एक प्रमुख औद्योगिक और सांस्कृतिक केंद्र भी है। गोरखपुर में बढ़ते शहरीकरण और अपराध की चुनौतियों को देखते हुए नैय्यर की नियुक्ति को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है राजकरन नैय्यर की कार्यशैली बेहद सख्त और आम जनता तक पहुंचने वाली रही है।
निर्वतमान SSP डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने गोरखपुर में लंबी पारी खेली है। वे यहां दो साल, दस माह, दो दिन पद पर कार्य किए। गोरखपुर में इतनी लंबी तैनाती किसी SSP की 35 साल बाद रही है। जनसुनवाई, मातहतों के वेलफेयर, माफियाओं पर बदस्तूर कड़ी कारवाई लगातार करते रहे हैं। इनके कार्यकाल में भू माफियाओं, जालसाजों, मेडिकल माफियाओं, शातिर बदमाशों पर लगातार कारवाई होती रही और जेल भेजे जाते रहे हैं।
फर्जीवाड़े पर SSP ने लगातार एक्शन लिया और दोषियों पर गैंगस्टर, अवैध संपतियों की कुर्की कर उनकी कमर तोड़ने का काम तीन सालों तक लगातार चलता रहा है। इनके कार्यकाल में फरियादियों के लिए पर्ची सिस्टम की व्यवस्था ने जन सुनवाई में काफी तेजी लाई और मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता रखी।
शासन द्वारा 6 मई को अयोध्या का SSP बनाए जाने पर आज 7 मई बुधवार को पुलिस लाइन व्हाइट हाउस में अधिकारियों कर्मचारियों ने डीआईजी आनंद कुलकर्णी के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक संजय कुमार,पुलिस अधीक्षक उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी जितेंद्र कुमार ,पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल, पुलिस अधीक्षक मंदिर सुरक्षा अनुराग सिंह सहित सभी क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारी सभी संभागों के प्रभारियों ने भावुक विदाई दी।
डॉ गौरव ग्रोवर 2013 बैच के IPS अफसर हैं। वे मूल रूप से भटिंडा, पंजाब के रहने वाले हैं। साल 1986 में जन्मे डॉ गौरव ग्रोवर ने एमबीबीएस की डिग्री हासिल की है। इन्हें बेहतर कार्य के लिए 2020 में महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क सिल्वर, 2022 में महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क गोल्ड और 2024 महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क प्लेटिनम से सम्मानित भी किया गया है। IPS बनने से पहले डॉ गौरव ग्रोवर पहले पंजाब में एमबीबीएस डॉक्टर थे।डॉ. गौरव ग्रोवर ने गोरखपुर तैनाती के दौरान फर्जी डिग्री गैंग का भंडाफोड़ किया था, फर्जी प्रमाण पत्र से क्लिनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर पर बड़ी कार्रवाई की थी। इसके अलावा नकली सोना बेचने वाले गिरोह का भी भड़ाफोड़ किया था। फर्जी स्टॉप बेचने वाले गिरोह पर भी बड़ी कार्रवाई थी।