गोरखपुर

पीएम मोदी ने इमरजेंसी पर एेसा बयान दिया कि विरोधी तिलमिला उठे

मगहर में संत कबीर के 620वें प्रकाट्योत्सव पर पहुंचे पीएम मोदी

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पीएम मोदी ने सबका साथ-सबका विकास के नारा को कबीर से इस तरह से जोड़ा, विरोधी दे रहे जवाब

मगहर। सद्गुरु कबीर के 620वें प्रकाट्योत्सव पर मगहर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संतकबीर के बहाने मिशन 2019 की शुरूआत की। विपक्षी एकता पर जमकर प्रहार किए। कांग्रेस-सपा-बसपा के गठबंधन पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल में जो लोग एक दूसरे के खिलाफ थे, आपातकाल जिन्होंने लगाई आज वे ही लोग कुर्सी के लिए एकदूसरेे के साथ आ गए हैं। कुर्सी पाने की जुगत में लगे हुए हैं।
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपातकाल के धुर विरोधी आज कंधा से कंधा मिलाकर इसलिए चल रहे ताकि कुर्सी की जुगत लगा सके। ये लोग गरीबों से छल कर अपनों के लिए धन जुटाने में लगे हैं।
गुरुवार को करीब आधा घंटा के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री पूरे रौ में दिखे। उन्होंने विपक्ष पर हमला करने का कोई मौका नहीं गंवाया। कबीर के एक दोहे ‘जब मैं था तो हरि नहीं...‘ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कबीर कहते थे कि अपने भीतर झांको सत्य मिलेगा लेकिन ये उनको गंभीरता से न लिए या न पढ़े ही। इनको तो सिर्फ अपने आप की फिक्र है।

समाजवादियों को केवल अपने बंगले की चिंता

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि कबीर कहते थे कि अपने भीतर की बुराई को मिटाओ। मैं मिटने पर हरि मिलेंगे। जनता की सेवा करनेे, उनके सुख-दुख के बारे में सोचने वाले, विकास में मन लगाने पर हरि मिलेगा। लेकिन उनका मन तो अपने बंगले में लगा हुआ था। पीएम मोदी ने मंच से आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे याद है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए राज्य की पिछली सरकार को केंद्र से चिट्ठियां पर चिट्ठियां लिखी गई। फोन पर बात किया गया। लेकिन उन्होंने गरीबों के आवास में कोई रूचि नहीं दिखाई। उनको तो अपने बंगले में रूचित थी। हमने उनसे संख्या पूछी लेकिन वह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। लेकिन जब योगी जी की सरकार आई तो यूपी में रिकार्ड तोड़ आवास गरीबों के लिए बने हैं।


तीन तलाक पर भी घेरा, कहाः विपक्ष को वोट के ठेकेदारों की चिंता

तीन तलाक पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक को हटाने के लिए घर से बाहर निकली, परिवार से बगावत की। इसके बावजूद कुछ दल इसमें रूचि नहीं ले रहे। भाजपा सरकार ने संसद में जब इस बिल को पारित किया तो वोट के लिए रोड़े अटकाए गए। इन लोगों को महिलाओं की नहीं अपने वोट और वोटों के ठेकेदारों की ज्यादा चिंता थी।

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Published on:
29 Jun 2018 12:19 am
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