
Ram Mandir Donation Theft Controversy: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर गरमाई सियासत शुक्रवार को देर रात गोरखपुर में भी काफी गहमा गहमी का माहौल बना दी। शुक्रवार की देर रात शहर के कोतवाली थानाक्षेत्र के शास्त्री चौक पर सपा नेताओं ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा की रकम में गबन से जुड़े आरोपों वाला विवादित बैनर लगा दिया। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम व पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की और बैनर हटवा दिया। बैनर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी और सपा नेता अरविंद शुक्ला शुक्रवार रात करीब 10 बजे शास्त्री चौक पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने कार्यकर्ताओं की मदद से बिना अनुमति विवादित बैनर लगवाया। इसी दौरान सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी कलेक्ट्रेट घनश्याम उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बैनर हटाने को लेकर सपा नेताओं से उनकी कहासुनी भी हुई।
हंगामे की सूचना मिलते ही CO कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, प्रमोद कुमार समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में विवादित बैनर हटवा दिया गया। इसके साथ ही नगर निगम ने शहर में बिना अनुमति लगाए गए और विवादित बैनरों के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया। बैनर पर अरविंद उपेंद्र दत्त शुक्ला का नाम अंकित था।
SP सिटी निमिष पाटिल ने मामले की जानकारी देते बताया कि देर रात चोरी-छिपे विवादित बैनर लगाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस और नगर निगम की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैनर हटवा दिया। बैनर लगाने वालों की पहचान कर ली गई है, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सपा नेता अरविंद शुक्ला एक समय भाजपा के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय उपेंद्र दत्त शुक्ला का बेटा है। योगी आदित्यनाथ के CM बनने के बाद खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट पर सीएम ने उपेंद्र दत्त शुक्ला को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया था और उपचुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में थे लेकिन काफी कोशिश के बाद भी वह चुनाव नहीं जीत सके। वह कौड़ीराम विधानसभा क्षेत्र से भी तीन बार चुनाव लड़े थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। वह संघ और भाजपा के पुराने कैडर के कार्यकर्ता थे, जनसंघ के जमाने से वह भाजपा से जुड़े थे।
मई 2020 में हार्ट अटैक की वजह से उपेन्द्र दत्त शुक्ल का निधन हो गया। इसी बीच समाजवादी पार्टी ने सेंध लगाते हुए स्वर्गीय उपेंद्र दत्त शुक्ला के परिवार के लोगों को अपनी पार्टी में शामिल करा लिया। उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी शुभावती शुक्ला, उनके पुत्र अरविंद दत्त शुक्ला और अमित शुक्ला ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा का दामन थामा था।