
Sanjay Nishad Statement On Dalit Politics:उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि दलित समाज पहले इन नेताओं की वजह से दलदल में फंसा हुआ था, लेकिन अब आंबेडकर के कानूनों के कारण महल में है। गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए मंत्री निषाद ने कहा कि दलित पहले इन नेताओं के कारण दलदल में थे, अब आंबेडकर के कानून से महल में हैं। आंबेडकर के कानून की वजह से वे किसी नेता पर निर्भर नहीं हैं। कोई भी समाज या वर्ग किसी नेता पर निर्भर नहीं है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे दलितों का सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करते रहे, जबकि वर्तमान व्यवस्था में आरक्षण और संवैधानिक प्रावधानों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है।
मंत्री का यह बयान विपक्ष की उस राजनीति के जवाब में आया, जिसमें दलित हितों का मुद्दा अक्सर उठाया जाता है। संजय निषाद ने जोर देकर कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के दिए कानूनों ने समाज को सशक्त किया है।
उत्तर प्रदेश में मंत्री संजय निषाद ने गोरखपुर में मीडिया से बात करते हुए फूलन देवी को अपना आदर्श बताया। उन्होंने फूलन देवी को न्याय और प्रतिरोध का प्रतीक करार दिया है। उन्होंने कहा कि फूलन देवी ने मजबूरी में हथियार उठाए थे। निषाद के अनुसार आज हर बेटी को फूलन देवी बनना होगा, तभी उन्हें कुछ हद तक न्याय मिल सकेगा।
पहले के समय में हथियार उठाने की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब यह काम बटन के माध्यम से करना होगा। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल युग में बटन दबाकर यानी आधुनिक तरीकों से संघर्ष करना चाहिए। यह बयान महिलाओं के प्रति हो रहे अन्याय और उनके सशक्तिकरण की आवश्यकता को रेखांकित करता है। संजय निषाद का यह वक्तव्य समाज में जागरूकता बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
शिवपाल यादव को लोहिया पद से हटाए जाने पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा था कि ट्रस्ट के पास यह तय करने का अधिकार है कि कौन रहेगा और कौन नहीं… सरकार जनता के भरोसे पर चलती है, अगर उन्हें ही अपने कल पर भरोसा नहीं है तो जनता कैसे भरोसा कर सकती है।