सामान्य परिवार से संबंध रखने वाले कृष्णा के किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी आसपास तथा गांव के लोगों को नहीं थी। एटीएस द्वारा उसकी गिरफ्तारी की खबर पाकर लोग हैरान रह गए। पुलिस की आवाजाही के बाद गांव में हलचल बढ़ गई है। पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि कृष्णा देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
यूपी में आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद ATS ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर दो स्लीपर सेल की गिरफ्तारी की है। इसमें एक कृष्णा मिश्रा जो कि कुशीनगर जिले का मूल निवासी है और गोरखपुर में अस्थाई तौर पर किराए के मकान में रहता है कि गिरफ्तारी के बाद कुशीनगर और गोरखपुर जिले में हड़कंप मच गया है। ATS अब दोनों जिलों में कृष्णा के कनेक्शन की जांच कर रही है।
प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि कृष्णा मिश्रा(20) पिछले कई महीनों से शाहपुर थाना क्षेत्र के कौवाबाग इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। आसपास में रहने वाले लोगों को भनक भी नहीं लगा कि उनके पास आतंकियों का स्लीपर सेल रहा है। कृष्णा की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है, सुरक्षा एजेंसियां अब उसके नेटवर्क की तलाश में लगी है।
जानकारी के मुताबिक कुशीनगर का कृष्णा मिश्रा जिले के जटहाबाजार थाना क्षेत्र के हरपुर गांव का रहने वाला है। मंगलवार को यूपी ATS ने इंटरनेट मीडिया के जरिए संचालित एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए उसे हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार कृष्णा को गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित कौवाबाग इलाके से उठाया गया। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस भी एक्टिव हो गई।पुलिस अब उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह इंटरनेट मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। यही वजह है कि अब उसके स्थानीय संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
ATS और इंटेलिजेंस कृष्णा मिश्रा के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट्स की गहनता से जांच कर रही है, सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जिन लोगों से उसकी लगातार बातचीत होती थी, उन्हें भी ऑब्जर्वेशन में लिया गया है। इंटेलिजेंस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं कोई स्थानीय नेटवर्क तो विकसित नहीं किया। कुछ संदिग्ध संपर्क सूत्रों की पहचान कर उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
इसी क्रम में कृष्णा मिश्रा के मकान मालिक और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर रही हैं। फिलहाल अभी बहुत सी जानकारियां साझा नहीं की। ATS जिस कथित मॉड्यूल की जांच कर रही है, उसमें इंटरनेट मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी कारण एजेंसियां डिजिटल नेटवर्क और सोशल मीडिया कनेक्शन की बारीकी से जांच कर रही हैं।