गोरखपुर

सीएम के दरबार में पहुंची इस भाजपा सांसद की शिकायत, जमीन कब्जाने के लिए जानलेवा हमला कराने का आरोप

गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद सुबह मुख्यमंत्री ने सुनी जनता की शिकायतें
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Updated: 29 Jun 2018, 1:33 PM IST
Yogi Adityanath
योगी आदित्यनाथ

गोरखनाथ मंदिर में प्रवास के दौरान शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दरबार लगाया। दूरदराज के सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर सीएम योगी से मिलने पहुंचे। फरियादियों में बीआरडी मेडिकल काॅलेज में आक्सीजन कांड से चर्चित डाॅ.कफील खान के भाई भी थे। वह अपने छोटे भाई कासिफ ज मील पर हुए जानलेवा हमले के हमलावरों की गिरफ्तारी के संबंध में मुख्यमंत्री से मिले।
सीएम के जनता दरबार से बाहर आने के बाद उन्होंने बताया कि भाई पर हुए जानलेवा हमले के साजिशकर्ताओं और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिले हैं। वारदात हुए 19 दिन हो गए लेकिन अभी तक पुलिस खाली हाथ है। पुलिस की जांच भी संदिग्ध प्रतीत होती है क्योंकि अभी तक इस मामले में कोेई प्रगति नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि हमले के बाद घायल भाई के इलाज में भी पुलिस ने काफी देरी कराई। मेडिकोेलीगल होने के बाद बेवजह इलाज में देरी के लिए इस अस्पताल से उस अस्पताल घूमाती रही। मेडिकल काॅलेज के डाॅक्टर्स ने जब दुबारा मेडिकोलीगल करने से इनकार कर दिया तब जाकर पुलिस मानी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई पर हुए हमले में बीजेपी के बांसगांव सांसद कमलेश पासवान और उनके बिजनेस पार्टनर नांगलिया शामिल हैं। पुलिस सत्ता के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रही और जांच को भी प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरी बात को गंभीरता से सुनने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।

यूएनओ और प्रधानमंत्री तक इस मामले की शिकायत

कासिफ ज मील पर हुए जानलेवा हमले और हमलावरों के पुलिस की गिरफ्त में नहीं आने की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र्र मोदी के अलावा पीड़ित परिवार ने यूएनओ में भी की है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सत्ता पक्ष के जुड़े लोगों के होने की वजह से जांच का दिखावा किया जा रहा है। पूरे प्रकरण में पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध है।

घर लौटते वक्त मारी गई थी गोली

डाॅ.कासिफ जमील को करीब तीन हफ्ते पहले गोरखनाथ क्षेत्र में जेपी हास्पीटल के पास अज्ञात हमलावरों ने तीन गोलियां मारी थी। वह किसी मित्र से मिलकर देर रात में घर वापस लौट रहे थे। पुलिस इस प्रकरण में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जबकि पीड़ित पक्ष इसे जमीन से जुड़ा विवाद बता रहा है। इन लोगों का कहना है कि कासिफ अपने मामा की एक जमीन की कानूनी पैरवी कर रहे हैं। इस बेशकीमती जमीन पर भाजपा के सांसद व उनके लोगों की नजर है। वे लोग इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं।

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