गोरखपुर डीएम मंगलवार को अचानक सीएचसी सहजनवां पहुंचे जहां गंदगी देखते ही उनका पारा हाई हो गया, इस मौके पर उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को जमकर फटकार लगाए
मंगलवार को डीएम दीपक मीणा दोपहर लगभग 12 बजे अचानक सीएचसी सहजनवा पहुंच गए, वहां गंदगी का ढेर लगा था इसपर भड़के डीएम ने सीएचसी प्रभारी को जमकर फटकार लगाएं। चेकिंग के दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर 4 नियमित और 3 संविदा डॉक्टर मिले। डीएम ने कहा कि जो सामान उपयोग लायक नहीं रह गए हैं, उनका निस्तारण किया जाए। जो भवन रहने लायक नहीं हैं, उन्हें ध्वस्त करने के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने मुख्य गेट पर भवन एवं वार्ड वाइज संकेतक लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कक्ष के सामने नेम प्लेट लगाई जाए। जिससे वहां जाने पर लोगों को जानकारी मिल सके।
डीएम ने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को टीका लगाया जाए। प्रभारी को नियमित रूप से समीक्षा करने का निर्देश दिया। जन औषधि केंद्रों पर दवाओं का डिस्प्ले जरूर किया जाए। फार्मासिस्ट को दवाओं की उपलब्धता रहे। विशेष तौर पर जीवन रक्षक दवाओं के साथ ही कुत्ता व सांप काटने की दवा समय से आए। उन्होंने कहा कि मेन हाईवे पर चिकित्सालय हैं इसलिए वहां डॉक्टर की उपलब्ध्ता 24 घंटे होनी चाहिए। डीएम ने एएनएम का रजिस्टर चेक किया तो यह बात सामने आयी कि दो से 3 टीके ही लगे हैं।
उन्होंने सीएमओ से फोन पर बात की। उनसे कहा कि डिप्टी सीएमओ को हास्पिटल का आवंटन करके 15-15 दिनों पर जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के रख-रखाव के लिए फंड मंगाएं।
डीएम इससे पहले सहजनवा मंडी स्थित धान क्रय केंद्र पहुंचे थे। वहां पर पर्याप्त मात्रा में बोरे मिले। डीएम ने कहा कि किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। रजिस्ट्रेशन और वेरीफिकेशन का काम कम समय में किया जाए। उन्होंने जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की जांच के निर्देश दिया। डीएम अटल आवासीय विद्यालय पहुंचे थे। यहां 610 छात्र-छात्राएं मिले। उन्होंने अन्य कक्षा में प्रवेश के लिए शासन से मार्गदर्शन मांगने की बात कही। विद्यालय में 100 प्रतिशत सीसीटीवी लगाई जाए। गुफा से लौटते समय हाइवे पर बेतरतीब खड़ी गाड़ियों पर भी डीएम ने सर्दी के मौसम में दुर्घटना से बचाव के लिए SSP को निर्देश दिए कि गाड़ियां व्यवस्थित तरीके से खड़ी की जाए।