मौलाना अब्दुल्ल सलीम पर रमजान के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। 6 मार्च को वीडियो सामने आया था। इसके बाद यूपी में हिंदूवादी संगठन और भाजपा के लोगों ने उनपर कार्रवाई करने की मांग की थी।
सीएम योगी की मां को अपशब्द बोलने के मामले में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम कमर चतुर्वेदी कासमी से एसटीएफ गोरखपुर यूनिट पूछताछ कर रही है, इस पर कारवाई पूरी जांच के बाद होगी। बता दें कि आरपी मौलाना ने बिहार में एक तकरीर के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की थी। इसका वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यूपी में बड़े पैमाने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। कई हिंदू संगठनों और साधु-संतों ने इसका विरोध करते हुए जगह-जगह प्रदर्शन कर मौलाना का पुतला भी फूंका।
मौलाना अब्दुल्ला सलीम बड़े मुस्लिम धर्मगुरुओं में शामिल है, उसने अपनी तकरीर के दौरान योगी की मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और तंज कसते हुए कहा था कि यूपी में अगर किसी के पास सिर्फ 250 ग्राम मांस भी मिल जाए, तो प्रशासन उसे अपराधी समझ लेता है और उसके खिलाफ सख्त एक्शन लेता है। इसी बीच सीएम योगी की मां को भी इसमें घसीट लिया, जिसके बाद मौलाना के विरोध में जमकर प्रदर्शन हो रहा है
प्रदेश भर में आक्रोशित लोगों ने 84 से अधिक थानों में मौलाना के खिलाफ तहरीर दी गई और कई थानों में मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं, पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। इसी बीच सोमवार को STF की गोरखपुर इकाई मौलाना को पूछताछ के लिए गोरखपुर बुलाया, पूछताछ में उसके द्वारा किस मंशा के तहत ऐसी टिप्पणी की गई कि जानकारी हासिल की जा रही है। बता दें कि मौलाना अब्दुल्ला सलीम कासमी बिहार का रहने वाला है, और एक मौलाना हैं।
वह पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन से जुड़ा था, कुछ दिन बाद ही उसने पार्टी छोड़ दी थी। गोरखपुर यूनिट के एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्या प्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ जारी है, मौलाना के संपर्कों और उसके द्वारा पूर्व में दिए गए भाषणों और उनके राजनीतिक जुड़ाव की भी गहनता से पड़ताल कर रही है।
इंटेलिजेंस इस बात की भी तस्दीक कर रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि प्रदेश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई हो, पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर जल्द ही शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।