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15 करोड़ के टेंडर में 2.25 करोड़ रिश्वत का खेल: जेम पोर्टल के जिला समन्वयक गिरफ्तार, BSA समेत कई पर शिकंजा

15 करोड़ के टेंडर में 2.25 करोड़ रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिस ने जेम पोर्टल के जिला समन्वयक गिरफ्तार कर लिया है। फरार अन्य आरोपियों की तलाश तेज, बीएसए समेत कई पर शिकंजा कसता जा रहा है।

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पुलिस टीम के साथ पकड़े गए जिला समन्वयक फोटो सोर्स विभाग

पुलिस टीम के साथ पकड़े गए जिला समन्वयक फोटो सोर्स विभाग

गोंडा में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जेम पोर्टल के जिला समन्वयक प्रेम शंकर मिश्रा को सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह बीते कई महीनों से फरार चल रहे थे। पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लेकर मेडिकल परीक्षण कराया। फिर अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

गोंडा जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े करोड़ों रुपये के टेंडर घोटाले में पुलिस ने अहम कार्रवाई करते हुए जिला समन्वयक (जेम पोर्टल) प्रेम शंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। नगर कोतवाली पुलिस ने उन्हें सोमवार देर शाम हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि वह 4 नवंबर से फरार चल रहे थे। और लगातार पुलिस से बच रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और फिर मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी तेज कर दी गई है।

एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा

दरअसल पूरा प्रकरण नीमन सिटिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मनोज कुमार पांडेय की शिकायत से जुड़ा है। उनकी शिकायत पर एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश के बाद नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें निलंबित पूर्व बीएसए अतुल कुमार तिवारी, प्रेम शंकर मिश्रा और विद्याभूषण मिश्रा को आरोपी बनाया गया है।

15 करोड़ के टेंडर में 2.25 करोड़ रिश्वत की मांग का आरोप

आरोप है कि जिले के 564 परिषदीय स्कूलों में डेस्क-बेंच की सप्लाई के लिए करीब 15 करोड़ रुपये का टेंडर निकाला गया था। इस टेंडर को पास कराने के लिए आरोपियों ने कुल राशि का 15 प्रतिशत यानी करीब 2.25 करोड़ रुपये कमीशन की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने एडवांस के तौर पर 50 लाख रुपये मांगे थे। इसमें से 22 लाख रुपये निलंबित बीएसए अतुल कुमार तिवारी, 2 लाख रुपये विद्याभूषण मिश्रा और 2 लाख रुपये प्रेम शंकर मिश्रा द्वारा लिए जाने का आरोप है। बावजूद इसके शिकायतकर्ता को काम नहीं मिला और उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

जल्द ही अन्य आरोपी होंगे गिरफ्तार

नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच सीओ नगर आनंद राय कर रहे हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।