
इंजीनियर ने आत्महत्या की (PC-Patrika)
Engineer Pradyuman Kumar Commits suicide: गोरखपुर में आत्महत्या करने वाले कुशीनगर नगर पंचायत के स्वामी विवेकानंद नगर निवासी इंजीनियर प्रद्युम्न कुमार (Engineer Pradyuman Kumar) की मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे के जाने के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे के जाने के गम में प्रद्युम्न कुमार की मां कलावती देवी का हाल-बेहाल है। 72 वर्षीय कलावती अपने बेटे के गम में खाना-पीना भूल गई हैं।
इंजीनियर प्रद्युम्न कुमार की मौत के बाद उनके परिवार में उदासी छाई है और मां का हाल-बेहाल है। मीडिया ने प्रद्युम्न कुमार की मां से बात करने का प्रयास किया तो वे खुद को संभाल नहीं पाईं। मां दहाड़े मारकर रोने लगी और कहा- साहब मेरा बेटा अब नहीं रहा। बेटे को 3 महीने पहले देखा था, मैं आखिरी बार भी उससे मिल नहीं पाई।
कलावती ने रोते हुए कहा- मेरा राजा बेटा चला गया, काश मुझे भी ले जाता। अब मैं उसके बगैर कैसे जियूंगी। मां ने बताया कि गांव के एक लड़के ने फेसबुक पर बेटे का वीडियो दिखाया था। इसके बाद से उन्हें चैन नहीं मिला। प्रद्युम्न की मां ने रोते हुए कहा कि बहू की प्रताड़ना से परेशान बेटे ने जान दे दी। उसने गुरुवार को पहले मंदिर में पूजा की। फिर वहीं लगे पेड़ पर फंदे से लटक गया। सुसाइड से पहले उसने वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप स्टेटस लगाया था।
इंजीनियर प्रद्युम्न की मौत के बाद उनकी मां कलावती और बहन पूनम गम को सहन नहीं कर पा रही हैं। उन्हें प्रद्युम्न की मौत की खबर बार-बार झकझोर कर रख देती है। बहन पूनम ने रोते-बिलखते हुए न्याय कि गुहार लगाई है। बहन ने रोते हुए कहा कि हमारे घर का सोना चला गया। मेरा भाई बहुत सीधा था। वह सबसे मिल-जुलकर रहता था। उसे कभी चैन से जीने नहीं दिया गया। पूनम ने कहा- मैं चाहती हूं कि मेरे भाई को न्याय जरूर मिले।
इंजीनियर प्रद्युम्न का शव गुरुवार को कुसुम्ही जंगल में फंदे से लटका मिला था। प्रद्युम्न, मध्य प्रदेश की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे। उनकी 9 साल पहले शादी हुई थी। पिछले 6 साल से इंजीनियर का पत्नी से विवाद चल रहा था। इसका मुकदमा कुशीनगर कोर्ट में विचाराधीन है। इस केस की 12 मई को सुनवाई थी। इसके लिए इंजीनियर प्रद्युम्न यादव इंदौर से आए थे।
इंजीनियर प्रद्युम्न ने मरने से सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में इंजीनियर प्रद्युम्न ने कहा- हार गया…यार जिंदगी की जंग, बहुत दुख देखे हैं। दुख देने वाला कोई और नहीं, मेरी वाइफ है। सभी लोगों से रिक्वेस्ट है- कोई यह मत बोले कि बेसमय चला गया। मेरे जाने का अभी समय नहीं था। पिछले एक-डेढ़ महीने से मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि बेटा, सुसाइड कर ले। ठीक है, आज वह समय आ गया। मैं अपने बड़े भाई को एक संदेश देना चाहता हूं। भाई, कभी मां-बाप को यह एहसास मत होने देना कि एक बेटा दुनिया से चला गया।
Updated on:
17 May 2026 08:48 pm
Published on:
17 May 2026 08:46 pm
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