
राकेश टिकैत की ओडिशा में हुई गिरफ्तारी, PC- Patrika
मेरठ : भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कद्दावर किसान नेता राकेश टिकैत की ओडिशा में गिरफ्तारी की खबर ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। सोमवार शाम जैसे ही गिरफ्तारी की पुष्टि हुई, भाकियू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सिसौली (भाकियू मुख्यालय) से लेकर मेरठ के कस्बों तक, हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
जानकारी के मुताबिक, राकेश टिकैत अपनी टीम के साथ ओडिशा में आयोजित एक विशाल 'किसान महापंचायत' में शामिल होने पहुंचे थे। वहां स्थानीय किसानों की समस्याओं और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों पर चल रहे आंदोलन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। भाकियू के मुजफ्फरनगर जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने इस कार्रवाई को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है।
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही भाकियू ने 'जेल भरो' और 'थाना घेराव' का बिगुल फूंक दिया। मवाना में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सीओ (CO) कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जब तक टिकैत ससम्मान रिहा नहीं होते, वे टस से मस नहीं होंगे।
शहर कोतवाली में जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता थाने के भीतर ही धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक ओडिशा सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती।
राकेश टिकैत की गिरफ्तारी से भाकियू में भारी 'उबाल' को देखते हुए एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों ने रेंज के सभी जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया है। मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली, बागपत और बिजनौर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन किसानों को समझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भाकियू नेताओं का स्पष्ट संदेश है- 'टिकैत की आवाज दबाना महंगा पड़ेगा।'
सूत्रों का कहना है कि यदि आज रात तक राकेश टिकैत को रिहा नहीं किया गया, तो मंगलवार सुबह से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे (NH-58) समेत पश्चिमी यूपी की प्रमुख सड़कों पर बड़े चक्का जाम की तैयारी है। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी जल्द ही इस मामले पर बड़ा बयान जारी कर सकते हैं।
Updated on:
30 Mar 2026 07:37 pm
Published on:
30 Mar 2026 07:37 pm
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