सोशल मीडिया पर दो दिनों से डाॅ.कफिल द्वारा योगी सरकार पर 100 करोड़ की मानहानि और बच्चों की मौत पर आरोप की खबरें तैर रही
गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल काॅलेज का आक्सीजन कांड फिर सुर्खियों में है। आक्सीजन कांड में आरोपी बनाए गए दो लोगों को तो जमानत मिल गई लेकिन एक अन्य आरोपी पूर्व प्राचार्य डाॅ.राजीव की जमानत को हाईकोर्ट ने अस्वीकार कर दिया है। डाॅ.राजीव मिश्र की जमानत याचिका खारिज होने के साथ ही पिछले चौबीस घंटों से सोशल मीडिया पर एक खबर यह भी चल रही है कि जमानत पर रिहा डाॅ.कफिल अहमद खान ने यूपी सरकार पर भारी भरकम मानहानि का दावा किया है।
सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में कहा गया है कि डाॅ.कफिल अहमद खान ने योगी सरकार पर 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है तथा मेडिकल काॅलेज प्रशासन और गोरखपुर डीएम, योगीजी और यूपी के स्वास्थ्य मंत्री पर एफआईआर दर्ज कराया है। सोशल मीडिया पर आगे लिखा गया है कि 67 बच्चों की मौत का जिम्मेदार डाॅ.कफिल ने इन्हीं लोगों को बताया है और आईपीसी 302 के तहत केस दर्ज कराया है।
दो दिनों से यह सूचना सोशल मीडिया पर खूब वायरल की जा रही है। सोमवार को इस सूचना के बाबत डाॅ.कफिल अहमद खान से पत्रिका ने बात की। डाॅ.कफिल के भाई डाॅ.आदिल अहमद खान ने बताय कि डाॅ.कफिल की ओर से कोई केस दर्ज नहीं कराया गया है। वह अभी रिहा होकर घर पर हैं। केवल अफवाह फेलाया जा रहा कि डाॅ.कफिल ने मानहानि का केस किया है, अमुक व्यक्तियों को आरोपी बना दिया है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं जब ऐसे मेसेज सोशल मीडिया पर वायरल होते देखे तो तत्काल इसका खंडन किए ताकि कोई गलत सूचना लोगों तक न पहुंचे।
मंगलवार को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी डाॅ.कफिल को
आठ महीने से जेल में रहे डाॅ.कफिल खान को मंगलवार को हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। शनिवार की देर शाम को जेल से उनकी रिहाई हुई। जेल से रिहाई के वक्त डाॅ.कफिल के परिवारीजन के अलावा बड़ी संख्या में उनके शुभचिंतक और मित्र मौजूद रहे।