बुधवार की शाम को इंडिगो की फ्लाइट E 2087/5013 लेट हो गई। यह फ्लाइट दोपहर बाद 3 बजकर 15 मिनट पर गोरखपुर पहुंचती है, लेकिन 4 बजकर 25 मिनट पर पहुंची। लगभग सवा घंटे देर से आने के कारण इस फ्लाइट को एप्रन में आने की अनुमति नहीं मिली।
गोरखपुर एयरपोर्ट पर एक बार फिर अव्यवस्था का दौर देखने को मिला, हालत यह है कि यहां एप्रेन नहीं खाली होने से यात्रियों को बेवजह हवा में चक्कर लगाना पड़ रहा है। बुधवार को इस अव्यवस्था के शिकार दो केंद्रीय मंत्री भी हो गए। इनके साथ हो 180 तक के करीब यात्री भी फंसे रहे। इस स्थिति के बाद एयरपोर्ट पर काफी गहमा गहमी मची रही है। बता दें कि पिछले कुछ महीने में चार बार लैंडिंग में देरी हो चुकी है।
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इस बार दिल्ली से गोरखपुर आने वाली इंडिगो की फ्लाइट ई 2087/5013 देर हुई। फ्लाइट निर्धारित समय 3.15 बजे के बजाए 4.25 बजे गोरखपुर लैंड हुई। इसके पहले 9,12 और 25 मार्च को दिक्कत हो चुकी है। विमान से केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और पंकज चौधरी आ रहे थे। मंत्रियों की दिक्कत के बाद यह मामला और पेचीदा हुआ। करीब सवा घंटे लेट होने की वजह से इसे एप्रन में आने की अनुमति नहीं मिली। पहले से शेड्यूल इंडिगो और स्पाइस की विमानों को बारी-बारी से निकाला गया।
टैक्सी-वे में फ्लाइट के खड़े होने की वजह से यात्री नहीं उतर सके और करीब एक घंटे यात्री विमान के अंदर ही फंसे रहे। पहले शेड्यूल विमान के उड़ने के बाद शाम 5.25 बजे विमान को एप्रन में लाया गया तब जाकर यात्री उतर सके। इसके बाद 6.13 बजे विमान यात्रियों को लेकर दिल्ली के उड़ान भर सका।
एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर का कहना है कि इंडिगो की ई 2087 फ्लाइट एक घंटे की देरी से लैंड हुई। एप्रेन खाली न होने की वजह से इसमें आए यात्रियों को एक घंटे विमान में बैठना पड़ा। करीब साढ़े पांच यात्रियों को नीचे उतार लिया गया। 6.13 बजे फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हो गई। इसी विमान से दिल्ली जाने वाले यात्रियों ने लेटलतीफी को लेकर जमकर नाराजगी जताई। यात्रियों का कहना था कि अब इस तरह की घटनाएं आए दिन हो रही हैं। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे अफसरों ने यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत कराया।