
शारदीय नवरात्रि की पूजा संपन्न कराने और दशहरा की पारंपरिक यात्रा के लिए आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आ रहे हैं। करीब पांच दिनों तक वह गोरखपुर में प्रवास करेंगे। पांच दिनों तक यूपी सरकार गोरखपुर से ही संचालित होगी।
सीएम मंगलवार की शाम 3.20 बजे गोरखनाथ मंदिर आएंगे। विजयादशमी तक वह गोरखपुर में ही रहेंगे। विजयदशमी तक यूपी सरकार गोरखपुर से ही संचालित होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री के साथ उनके ओएसडी, कई सचिव भी गोरखपुर में डेरा डालेंगे।
आज से शुरू होगा विधिवत पूजन
नाथ परम्परा के अनुसार अष्ठमी तिथि को गोरखनाथ मंदिर में रात में हवन होता है। प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार से ही अष्ठमी तिथि लग जाएगी। नाथ परम्परा में अष्ठमी की रात में ही महानिशा पूजन, शस्त्र पूजन और हवन होता है। शाम 6 बजे से गौरी-गणेश की पूजा से शुरूआत होगी। वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, स्थापित मां दुर्गा की विधिवत पूजा, भगवान राम-लक्ष्मण-सीता का षोडसोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व अधिष्ठात्री देवता का पूजन, शस्त्र पूजन, द्वादस ज्योर्तिंलिंग- अर्धनारीश्वर, शिव-शक्ति पूजन, वटुक भैरव, काल भैरव, त्रिशूल पर्वत पूजन होगा। आचार्य रामानुज त्रिपाठी ने बताया कि पूजन बेदी पर उगे जौ के पौधे जई को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं आचार्यगण द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच बांटा जाएगा। हवन बेदी पर ब्रह्मा, बिष्णु, महेश एवं अग्नि देवता का आह्वान कर हवन होगा। हवन के बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। सात्विक बलि के रूप में मुख्यमंत्री नारियल, गन्ना, केला, जायफर आदि की बलि देकर शक्ति की आराधना पूर्ण करेंगे।
मान्यता है कि निशा पूजा एवं सात्विक पंच बलि से शारीरिक एवं मानसिक क्लेश दूर होते हैं।