
गोरखपुर में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान बवाल के आरोपियों से मिलने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पहुंचे। आरोपियों के परिवारीजन से मुलाकात कर जानकारी लेने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पुलिसवालों ने निर्दोष लोगों को जबरन जेल भेज दिया। दूध, सब्जी लेने और दुकानों पर बैठे लोगों को जेल भेज दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने पूरी घटना की न्यायायिक जांच की मांग की है।
विधायक लल्लू ने कहा कि सरकार निर्दोष लोगों को प्रताड़ित करने का काम क्यों कर रही है। नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी का संवैधानिक तरीके से विरोध करना गलत नहीं है। कांग्रेस निर्दोष लोगों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कि भाजपा ने सुनियोजित तरीके से इस तरह के उपद्रव को पूरे प्रदेश में फैलाने का काम किया है। इस घटना की न्यायिक जांच और मृत लोगों के परिजनों को 25 लाख और घायलों को 10 लाख रुपए सहायता मिलनी चाहिए। साथ ही निर्दोष लोगों को छोड़ा जाना चाहिए।
लल्लू ने कहा कि 2007 की घटना याद है। गोरखपुर से लेकर बलिया तक आगजनी हुई थी। क्या उस समय के हिंसा में लिप्त लोगों से भी रुपये वसूल किए जाएंगे। 2002 में कुशीनगर में भी हुआ था। क्या उनसे भी संपत्ति लेकर वसूली किया जाएगा। ये सरकार प्रायोजित तरीके से हिंसा करा रही है। ये स्पष्ट हो चुका है कि साजिश कौन कर रहा है, सरकार को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।
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