गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र की घटना, महराजगंज से आई थी बरात
गोरखपुर। देश के कई हिस्सों में शादी करने के लिए लड़कों को लड़कियां नहीं मिल रही हैं तो गोरखपुर में एक युवक शादी करने पहुंचा तो दोे-दो दुल्हनें शादी को पहुंच गई। एक ही मंडप पर दो-दो दुल्हनों के पहुंचने की भनक जब दुल्हे को लगी तो वह बरात तो लड़की वाले के घर भेज दिया लेकिन खुद कहीं छुप गया। देर रात तक दुल्हे की खोजबीन चलती रही। इसी बीच घरातियों को दुल्हे के छिपे होने की जगह का पता लग गया। कुछ लोग गए और दुल्हे को जबरिया लेकर पहुंच गए।
मामला यह है कि गोरखपुर के पीपीगंज क्षेत्र के भरवल गांव में महराजगंज से एक बरात 3 मई को आने वाली थी। महराजगंज के नौतनवां क्षेत्र के चकदह गांव के द्वारिका की शादी भरवल में छह माह पहले तय हुई थी। शादी की दोनों पक्ष जोरशोर से तैयारियां कर रहे थे। लेकिन इस शादी की तैयारियों के इतर द्वारिका की एक अलग कहानी भी चल रही थी। वह यह कि द्वारिका का अपने भाभी की बहन से काफी दिनों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। प्रेमिका के अनुसार वह अपने जीजा के भाई द्वारिका से शादी की जब बात करती तो वह टाल जा रहा था। लेकिन जब शादी तय होने की बात का पता चला तो वह शादी करने की जिद करने लगी। जब द्वारिका नहीं माना तो प्रेेेमिका ने इस बाबत एक तहरीर थाने में दी। दोनों पक्ष थाने में बुलाए गए। समझौता हुआ और द्वारिका ने भाभी की बहन और अपनी प्रेमिका से शादी करने को राजी हो गया। उसने लिखित रूप से भी शादी की बात स्वीकार ली। लेकिन न जाने किन वजहों से द्वारिका ने शादी नहीं किया और छह माह पूर्व गोरखपुर के भरवल में जिस घर में शादी तय हुई थी वहां बरात लेकर जाने को राजी हो गया।
तीन मई कोेे द्वारिका पूरे धूमधाम के साथ बरात लेकर भरवल आ रहा था। भरवल में भी बरात के स्वागत की भरपूर तैयारी थी। इधर, जब यह बात द्वारिका की प्रेमिका को पता चली तो वह कुछ लोगों के साथ लड़की के दरवाजे पर भरवल पहुंच गई। वहां पहुंच अपने कागजात दिखा हंगामा करने लगी। इधर, यह बात जब द्वारिका को पता चला तो वह पीपीगंज में ही कहीं गायब हो गया। बराती पूरे जोश में थे। वे चलते हुए भरवल पहुंच गए। दूल्हे की गाड़ी भी बैंड-बाजा के साथ पहुंची। जब स्वागत होने लगा तो गाड़ी में दूल्हा गायब मिला। पहले तो बरातियों ने कहा कि दूल्हा कुछ देर में आ जाएगा। काफी देर जब होने को हुए तो घरातियों का सब्र टूट गया। रात करीब दो बजे दूल्हे को कस्बे में से खोज कर लाए। लेकिन यहां पहुंच दूल्हा बने द्वारिका ने शादी से इनकार कर दिया। इज्जत दांव पर लगने के बाद घरातियों ने दूल्हे और उसके चाचा को बंधक बना लिया। बरात को वापस भेज दिया।