शहर के सूरजकुंड में आयोजित हुआ कार्यक्रम
गोरखपुर। विश्व पृथ्वी दिवस पर गोरखपुर में धरती श्रृंगार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्र-छात्राओं ने रंगोली बनाकर धरा को संरक्षित रखने का संदेश दिया और संकल्प लिया।
शहर के सूरजकुंड धाम परिसर में उकेरी गई रंगोली को गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र मनीष विश्वकर्मा के साथ संस्था की मनीषा, चारू, रचना बनाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कार भारती के राष्ट्रीय नाट्य प्रमुख रविशंकर खरे ने किया।
भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की अनुदान योजना के सदस्य हरि प्रसाद सिंह ने कहा कि आज तेजी से वृक्षों का कटान हो रहा है ऐसे परिस्थिति में हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने की जरूरत है। महात्मा गांधी डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर ह्रदय नारायण श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व पृथ्वी दिवस कल पूरे भारत में मनाया जाएगा ऐसे में हम सब का यह कर्तव्य है कि इस पर्व को सिर्फ कुछ जगहों पर केंद्रित ना किया जाए अलबत्ता पूरे समाज में यह संदेश जाए कि हमारी धारा का क्षरण बहुत तेजी से हो रहा है जिसे हमें बचाने की आवश्यकता है। संस्कार भारती के राष्ट्रीय नाट्य प्रमुख रविशंकर खरे ने कहा कि जब क्षेत्र में इस मंदिर परिसर के आस पास पेड़ों की संख्या अत्यधिक थी यह परिसर हरा भरा रहा है परंतु अब वह हरियाली यहां बहुत कम दिखाई देती है। वरदा आर्ट इंस्टिट्यूट ने आज जो रंगोली का जो आयोजन किया है उसे देखकर मन प्रफुल्लित हुआ है। हमें धरती के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने की आवश्यकता है।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष न्यायाधीश आर के त्रिपाठी ने कहा इस तरह के सामाजिक आयोजनों में हमारी उपस्थिति बहुत कम हो पाती है आयोजकों ने जब यह बात बताई कि पृथ्वी दिवस के अवसर पर संस्था रंगोली का कार्यक्रम धरती का श्रृंगार करने की योजना बना रही है तो उनके निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार कर लिया। यहां महसूस हो रहा कि निश्चित ही इस धरा को इस धरती माता को इनके साथ हो रहे अत्याचार को बचाने की आवश्यकता है। अधिक से अधिक पौधे लगाएं ताकि हमारी धरा हमेशा हरी-भरी दिखाई दे। डॉ वीके सिंह ने अपनी कविता के माध्यम से जागरूक किया। संस्था की निदेशक रीना जायसवाल ने अतिथियों का परिचय कराते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में बताया।
संचालन सूर्य कुंड धाम के संतोष मणि त्रिपाठी ने तथा आभार प्रेमनाथ ने किया।
इस अवसर पर पार्षद जुबेर अहमद, संस्कार भारती के उपाध्यक्ष विश्व मोहन तिवारी, पूर्व पार्षद अरविंद चैरसिया, विश्वविद्यालय महिला संगठन की डॉक्टर जयश्री द्विवेदी, नील रतन, रचना धूलिया ,मनीषा, आकांक्षा, डॉ राजीव श्रीवास्तव, उपासना, जय श्री द्विवेदी, प्रहलाद खरे, फिरदौस खान, मोहन आनंद, रमेश पांडे, चारु, नीतू, कंचन, अमित पटेल, डॉ आर्येन्दु द्विवेदी, सुरेंद्र तिवारी, डॉ विनय, दीपक श्रीवास्तव, अरुण आदि मौजूद रहे।