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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में शासन द्वारा विवि के कर्मचारियों की नियुक्ति अधीनस्थ चयन सेवा आयोग को सौंपे जाने का विरोध किया गया। विवि में निर्णय लिया गया कि शासन कोे विवि अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए अपने पक्ष से अवगत कराएगा। विवि में हुई बैठक में कहा गया कि शासन के इस आदेश से विवि की स्वायत्तता प्रभावित होगी।
बैठक में यह प्रमुख निर्णय लिए गए-
1.वनस्पति विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ यशवंत सिंह के आचार्य पद पर प्रोन्नति के लिए अप्रैल 2013 में हुई चयन समिति की संस्तुतियों का लिफाफा कुलाधिपति के निर्देश पर खोला गया। इन संस्तुतियों के आधार पर डॉक्टर यशवंत सिंह की आचार्य पद पर पदोन्नति को कार्य परिषद ने अपनी स्वीकृति प्रदान की।
2. कार्य परिषद में यह भी निर्णय लिया निर्णय लिया गया की विश्वविद्यालय में शिक्षकों के विभिन्न पदों पर चल रही नियुक्ति प्रक्रिया की चयन संस्तुतियों को 29 अप्रैल को कार्य परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
3. कार्य परिषद ने शासन द्वारा कर्मचारियों के नियुक्ति का अधिकार अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को सौपे जाने के प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज की और इसे विश्वविद्यालय की स्वायत्तता तथा विश्वविद्यालय अधिनियम में वर्णित अधिकार के प्रतिकूल मानते हुए निश्चय किया कि इस प्रकरण पर विश्वविद्यालय शासन के समक्ष अपना पक्ष और आपत्ति प्रस्तुत करेगा।
4. विश्वविद्यालय कार्यपरिषद ने प्रो एस के दीक्षित द्वारा प्रस्तुत एक प्रतिवेदन पर विचार करते हुए निर्णय लिया कि जिस प्रकार शोध पंजीकरण में नेट और जेआरएफ को प्रवेश परीक्षा से उन्मुक्त प्रदान की गई है उसी प्रकार सैन्य अधिकारियों तथा दूसरे देशों के शिक्षकों को भी फिलहाल प्रवेश परीक्षा से उन्मुक्ति प्रदान की जाएगी ।
5. शासन द्वारा तृत्तीय संवर्ग के कर्मचारियों के स्थानांतरण तथा प्रतिनियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव पर विचार करते हुए कार्य परिषद ने निर्णय लिया। इस संबंध में समय-समय पर जारी आदेशों एवं दिशा निर्देशों के अध्ययन हेतु एक समिति का गठन किया जाए जो अपने निष्कर्ष कार्य परिषद के समक्ष प्रस्तुत करें। समिति के गठन के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया।
6. कार्य परिषद ने अंग्रेजी विभाग की आचार्य प्रो सुष्मिता भट्टाचार्य के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आवेदन को अपनी मंजूरी प्रदान करते हुए अंतिम निर्णय के लिए शासन को संदर्भित करने का निर्णय किया।
7.कार्य परिषद ने लेखा विभाग के रामजीत सिंह को 1 वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान का सेवा विस्तार प्रदान करने को भी अपनी मंजूरी दे दी ।
8. कार्य परिषद में वित्त समिति की 27 मार्च की बैठक के निर्णय भी प्रस्तुत किए गए तथा वित्त अधिकारी ने विश्वविद्यालय के बजट के विषय में भी कार्य परिषद को अवगत कराया।
Published on:
21 Apr 2018 11:07 am
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