हरे रंग से परहेज करती योगी सरकार, अबतक भगवाकरण का लग रहा था आरोप
गोरखपुर। यूपी में बीजेपी सरकार बनने के बाद सरकारी दफ्तरों से लेकर सार्वजनिक जगहों तक की रंगाई-पुताई में रंग का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। सरकार में अघोषित रूप से हर ओर भगवा रंग को बढ़ावा मिल रहा है तो अब हरे रंग से परहेज करती भी दिखने लगी है। हालिया एक आदेश से तो साफ जाहिर हो रहा है।
अब आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों की साड़ी का रंग बदल यूपी में एक नया सियासी संकेत दिया गया है। आने वाले दिनों में आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियां हरे रंग की साड़ी में नहीं दिखेंगी। सरकार ने कार्यकत्र्रियों के साड़ी के रंग में बदलाव कर दिए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों की साड़ी का रंग गुलाबी कर दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शासनादेश में साड़ियों के रंग में बदलाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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शासन ने साड़ियों को खरीदने के लिए बजट भी जारी कर दिया है। कार्यकत्र्रियों को दो-दो साड़ी खरीदने के लिए 600-600 रुपये जारी कर दिए गए हैं। यह धन आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों के खाते में भेजा गया है। इन पैसों से हरेे रंग की मनपसंद साड़ी कार्यकत्र्रियां खरीद सकेंगी। गोरखपुर जिले में 4112 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जिले में आठ हजार से अधिक कार्यकत्र्रियां व सहायिकाएं कार्यरत हैं।
पीले रंग की साड़ी में होंगी आंगनबाड़ी सहायिकाएं
आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों की ही नहीं आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भी साड़ियों के रंग में बदलाव किए गए हैं। सहायिकाएं अब पीले रंग की साड़ी में नजर आएंगी। शासन के निर्देश पर विभाग ने इनकी साड़ियों के रंग में फेरबदल किए हैं। इनको भी साड़ियां खरीदने के लिए विभाग ने तीन-तीन सौ रुपये खाते में भेज दिए हैं।
सरकार बनने के बाद प्रदेश में भगवा रंग की बहार आ गई थी
यूपी में बीजेपी सरकार बनने और योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री पद पर आसीन होते ही पूरे प्रदेश में भगवा रंग की बहार आ गई। सरकारी आफिसों की रंगाई-पुताई भगवा रंग में होने लगा तो बहुत से अफसर भगवा रंग के शर्ट में नजर आए। साहबों के चेयर पर तौलियां तक भगवा रंग का हो गया। यही नहीं सार्वजनिक स्थल भी भगवा रंग में रंगे जाने लगे। यहां तक कि भगवा रंग में रंगे बसों का भी संचलन शुरू हो गया। हद तो उस समय हो गया जब डाॅ.भीम राव आंबेडकर की प्रतिमाएं तक तमाम जगहों पर भगवा रंग में रंगा जाने लगा।