गोरखपुर

यूपी सरकार का नया फरमान, यूनिवर्सिटी-काॅलेजों में यह पूजा कराना अनिवार्य

शासनादेश जारी, उच्च शिक्षा निदेशालय को मानिटरिंग का आदेश
2 min read
• •
Updated: 16 Sep 2018, 12:07 PM IST
Government order
यूपी सरकार का नया फरमान, यूनिवर्सिटी-काॅलेजों में यह पूजा कराना अनिवार्य

यूपी में जब बीजेपी सरकार बनी थी तो पठन-पाठन का माहौल बनाने के लिए तमाम छुट्टियों में कटौती की थी। लेकिन अब वही सरकार नई परंपरा डालते हुए नए-नए आयोजनों के निर्देश दे रही है। यूपी के हर उच्च शिक्षण संस्थानों में अब विश्वकर्मा पूजा कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकार ने इस बाबत निर्देश जारी करते हुए उच्च शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों से विश्वकर्मा पूजा कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को हर उच्च शिक्षण संस्थानों में मनाया जाना आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश शासन की विशेष सचिव मधु जोशी ने उच्च शिक्षा निदेशक, प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को समस्त उच्च शिक्षण संस्थानों में कराया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में आयोजन सुनिश्चित कराई जाए। स्पेशल सेक्रेटरी मधु जोशी ने यह भी निर्देश जारी किया है कि आयोजन संबंधी आदेश निर्गत कर शासन को अवगत कराएं और इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें।

ओबीसी वोटरों को साधने के लिए एक नया आयोजन

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि सरकार ने इस आयोजन के माध्यम से ओबीसी कार्ड खेलते हुए विश्वकर्मा समाज को साधाने की कोशिश की है। यूपी में इस समाज का अच्छा खासा दखल है। वोट भी ठीकठाक होनो के बावजूद यह किसी एक राजनैतिक दल के साथ एकजुट नहीं है। बीजेपी ने इस बार इस आयोजन से इस वोट को अपने पक्ष में करने की कवायद की है।

शिक्षण संस्थानों में ऐसे आयोजन संवैधानिक रूप से गलत

जानकार बताते हैं कि किसी शिक्षण संस्थान में धार्मिक आयोजन और उपासना को संविधान के अनुरूप में नहीं माना जाता है। यह संवैधानिक रूप से गलत है। इस तरह के आयोजन संविधान के अनुच्छेद 25 (2), अनुच्छेद 28 (1), (2), (3) का उलंघन माना जाता है।
हालांकि, सरकार के आदेश को अमलीजामा पहनाने में सरकारी अमला और शिक्षण संस्थान जुट गए हैं।

Updated on:
16 Sep 2018, 12:07 PM IST
Published on: