ग्रेटर नोएडा

यूपी के इस जिले में कब्जामुक्त करवाई गई 250 बीघा जमीन, कई प्रापर्टी अपार्टमेंट और इंकलेव ध्वस्त

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। इस दौरान करीब 250 बीघा अधिसूचित भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2,500 करोड़ रुपए आंकी गई है।
2 min read
• •
Updated: 16 Sep 2025, 8:18 PM IST
ग्रेटर नोएडा में कब्जा मुक्त करवाई गई 250 बीघा जमीन।
ग्रेटर नोएडा में कब्जा मुक्त करवाई गई 250 बीघा जमीन, PC- IANS

ग्रेटर नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। यमुना अथॉरिटी के सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश और जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर के नेतृत्व में झाझर और ककोड़ गांव (जनपद बुलंदशहर) में यह अभियान चलाया गया।

इस दौरान करीब 250 बीघा अधिसूचित भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2,500 करोड़ रुपए आंकी गई है।

अभियान का नेतृत्व विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया। बुलडोजर कार्रवाई के तहत झाझर स्थित ऐरोनेस्ट कॉलोनाइजर, ककोड़ स्थित श्री राधा गौरी एनक्लेव और रुद्र प्रॉपर्टीज जैसी अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की टीमें भी मौके पर मौजूद रहीं, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।

यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सटे इलाकों में लगातार अवैध निर्माण और कब्जों की शिकायतें मिल रही थीं। इसी कड़ी में यह अभियान चलाया गया, ताकि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से बचाया जा सके और निवेशकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रखेगा।

विशेष कार्याधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अवैध कॉलोनाइजर भोले-भाले खरीदारों को गुमराह कर प्लॉट बेच रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह भूमि प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृत है या नहीं। अन्यथा खरीदार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

अभियान में प्राधिकरण के डिप्टी कलेक्टर शिवअवतार सिंह, विशेष कार्याधिकारी अजय कुमार शर्मा और अभिषेक साही समेत बुलंदशहर प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, प्राधिकरण के परियोजना और भूलेख विभाग के कई कर्मचारी भी इस अभियान का हिस्सा बने।

यमुना अथॉरिटी का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल अवैध निर्माण पर रोक लगेगी बल्कि आने वाले समय में क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।

Updated on:
16 Sep 2025, 8:18 PM IST
Published on:
Also Read
View All