25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यूपी परिवहन विभाग का बड़ा फैसला, 2017 से 2021 तक के 30 लाख ई-चालान होंगे माफ

यूपी परिवहन विभाग ने वाहन चालाकों को बड़ी राहत दी है। परिवहन विभाग ने 2017 से 2021 के बीच हुए 30 लाख ई-चालानों को माफ कर दिया। यहां जानें कैसे चेक करेंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Avaneesh Kumar Mishra

•

Updated: 16 Sep 2025, 6:08 PM IST

30 लाख वाहनों के ई-चालान

30 लाख वाहनों के ई-चालान, PC-Patrika

यूपी परिवहन विभाग ने नागरिकों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश भर में 2017 से 2021 तक हुए 30 लाख ई-चालान माफ कर दिए जाएंगे। इसके तहत कोर्ट में लंबित और जो समय सीमा से बाहर हो चुके चालान समाप्त हो जाएंगे। वह अब मान्य नहीं रहेंगे।

परिवहन विभाग के इस फैसले से परमिट, वाहन ट्रांसफर या हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट पर लगे अवरोध हट जाएंगे। यानि कि अब पुराने चालानों की वजह से वाहन मालिकों को इन सेवाओं में अड़चन का सामना करना नहीं पड़ेगा।

परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2017 से 2021 के बीच कुल 30, 52,090 ई-चालान काटे गए थे। इनमें से 12,93,013 लंबित थे जबकि 17,59, 077 पहले ही निस्तारित हो चुके हैं। इस निर्णय के बाद अब ये ई-चालान खुद ही निरस्त हो जाएंगे। इसके साथ ही एक महीने के भीतर सभी चालानों की स्थिति पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी। परिवहन विभाग के पोर्टल पर जाकर यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

ऐसे जांचे अपने चालान का स्टेट्स

  • यदि आपका चालान 2017–2021 का है और पोर्टल पर अभी भी लंबित या कोई ब्लॉक दिखा रहा है, तो एक महीने बाद ई-चालान/परिवहन पोर्टल पर जाकर स्थिति जांचें।
  • अगर मामला कोर्ट में पेंडिंग था, तो “Disposed – Abated” दिखेगा और सभी अवरोध हट जाएंगे।
  • टैक्स वाले मामलों में यह राहत लागू नहीं होगी और वे केवल टैक्स कानून के तहत ही निस्तारित होंगे।
  • मदद के लिए हेल्पलाइन 149 या नजदीकी RTO/ARTO से संपर्क किया जा सकता है।

इन वाहनों पर लागू नहीं होगा आदेश

यह राहत टैक्स रिकवरी से जुड़े चालानों पर लागू नहीं होगी। यानी मोटर व्हीकल्स टैक्सेशन एक्ट के तहत बकाया टैक्स वाले मामलों पर कार्रवाई अलग से जारी रहेगी। इसी तरह, गंभीर दुर्घटनाओं, IPC से जुड़े मामलों या शराब पीकर वाहन चलाने जैसे प्रकरण इस दायरे से बाहर रखे गए हैं। इन धाराओं में शामिल चालानों को खत्म नहीं किया जाएगा।